वो लक्ज़री इनोवा गाड़ी सरपट दौड़ती जा रही थी सड़कों पर.. लेकिन उसमें इंसान नहीं बल्कि गायें थी, जो काटने ही वाली थी थोड़ी देर बाद

कुछ दिनों पहले राजस्थान के अलवर में संदिग्ध गौतस्कर रकबर खान की गौरक्षकों से भिड़त हो गयी, जिसमें गौतस्कर रकबर खान मारा गया. इसके बाद न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश में राजनैतिक तूफ़ान आ गया तथा तमाम राजनैतिक दलों व तथाकथित बुद्धिजीवियों ने गौरक्षकों तथा हिन्दू संगठनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया. लेकिन इनका निशाना गौरक्षक थे लेकिन इसकी आड़ में गौतस्करी का अप्रत्यक्ष समर्थन किया जा रहा था. यही कारण है कि गौतस्करों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं तथा वह गौतस्करी से बाज नहीं आ रहे हैं.

ताजा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है. खबर के मुताबिक़, मोहनलालगंज पुलिस ने कनकहा के पास देर शाम वाहन चेकिंग के दौरान एक इनोवा कार में गौवंशो का वध करने के बाद  भरकर ले जा रहे दो तस्करों को तमंचा व दो जिन्दा कारतूस व गौकंशी में प्रयुक्त किये जाने वाले लोहे के बाँके व चाकू के साथ गिरफ्तार किया, वहीं एक तस्कर फरार हो गया. पुलिस पकड़े गये तस्करों पर गौवध निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शुक्रवार को जेल भेज दिया है तथा भागे हुए की तलाश में जुट गयी है. मोहनलालगंज इस्पेक्टंर धीरेन्द्र प्रताप कुशवाहा ने बताया गुरूवार की देर रात सब इस्पेक्टर बलवीर सिंह व सिपाही भूपेश विक्रम सिह, अश्वनी दीक्षित, गौरव के साथ जबरौली मोड़ पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे तभी इनोवा गाङी यूपी32बीवाई6292 को रोकने पर उसमें बैठे दो युवकों के संदिग्ध लगाने पर गाड़ी की तलाशी ली गयी तो काली पन्नियों से कई मृत गौवंशो के साथ ही एक तमंचा व दो जिन्दा कारतूस व गौकशी में प्रयुक्त किये जाने वाला लोहे का बाँक व छुरी बरामद हुयी जिसके बाद आरोपियों को पकङकर वाहन समेत थाने लाकर कङाई से पूछताछ की गयी तो तस्करों ने अपना नाम अनीस निवासी बाल्दा कुढाघर, टूरियागंज, लखनऊ व दूसरे ने फैजुद्वीन निवासी बिल्लौजपुरा,बाजारखाला,लखनऊ बताया.

तस्करों ने बताया‌ जबरौली जगंल में पाँच गौवंशों को पकड़कर उन्हें मारकर इनोवा में रख लिया ओर तीसरा साथी अम्मान उर्फ फैज बिल्लौजपुरा थाना बाजारखाला,लखनऊ जो मोटरसाइकिल से गौवंशों के कटे सर व अन्य अंग अपने साथ लेकर अन्य कही फेकने के लिये चला गया,  जिसके बाद मांस को लेकर लखनऊ में सप्लाई करने ले जा रहे थे. गौतस्करों ने बताया कि जनपद सुल्तानपुर व अमेठी के कुढवारा व मुसाफिरखाना व लखनऊ के माल,काकोरी व रायबरेली के बछरावा क्षेत्र में गौवंशो को इकट्ठा करने के बाद देर रात वध करने के बाद उनके माँस को वाहनो में लादकर बेच देते है जिसके बदले में मोटी रकम मिलती है।

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