मौलवियों द्वारा बरेली को बनाया जा रहा तालिबान”– ये आरोप किसी हिन्दू के नहीं

बरेली बरेली नहीं रहा गया है बल्कि तालिबान बन गया है. ऐसा लगता है जैसे बरेली पाक्सितान में है जहाँ तालिबानी शासन चलता है. यहाँ एक अजीब सा डर है कि किसी भी समय एक उकसाई भीड़ आकर कुछ कर देगी..ये शब्द किसी हिन्दू के नहीं हैं बल्कि एक मुस्लिम महिला के हैं. वही मुस्लिम महिला जो तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ डटकर खड़ी है..जिसका नाम है निदा खान के. वही निदा जिनके खिलाफ पाखंडी मौलवियों ने फतवा जारी कर उन्हें इस्लाम से बेदखल कर दिया है. निदा का कहना है कि मजहबी मौलानाओं द्वारा सोच-समझकर महिलाओ के वजूद को खत्म करने की साजिश चल रही है.

मुलिमा महिलाओं के हक़ के लिए लड़ रहीं निदा ने कहा, “हम बेशक 21वीं सदी और शिक्षित समाज की दुहाई दें लेकिन वास्तविकता यही है कि फतवा जारी होने के बाद से ही मेरा सामाजिक बहिष्कार हो गया. मैं और मेरा परिवार डर के साए में जी रहे हैं, लगता है कि कभी भी कहीं से कोई भीड़ आकर कुछ भी कर सकती है, बिलकुल वैसे ही जैसे तालिबान में होता है.” शरीयत में तब्दीली की मांग करते हुए निदा कहती हैं, शरीयत में जो हमारे हूकूक हैं, वो दरअसल हमें मिले ही नहीं . इन उलेमाओं ने शरीया को अपनी जागीर बना लिया है. महिलाओं से रंजिश लेने के लिए फतवे जारी किए जा रहे हैं . इन्हें मुस्लिम महिलाओं का शिक्षित होना, उनका काम करना, यहां तक कि गूगल इस्तेमाल करना नागवारा है . दरअसल, ये मुस्लिम महिलाओं को सशक्त होते देखना ही नहीं चाहते . मैं अपने ट्रस्ट के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं की मदद कर रही हूं, उन्हें अधिकारों को लेकर जागरूक बना रही हूं. यही बात इनके गले नहीं उतर रही.”

निदा खान ने कहा कि हम आजाद मुल्क में रह रहे हैं, ये होते कौन हैं, मुझे इस्लाम से बेदखल करने और मुल्क छोड़ने का फरमान जारी करने वाले. वह कहती हैं, इस्लाम में महिलाओं को जो हक दिए गए हैं, असल में हमें उनसे महरूम रखा गया है. निदा ने इन फतवों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की बात कही थी लेकिन किन्हीं कारणों से वह अभी तक याचिका दायर नहीं कर पाई हैं, इसकी वजह बताते हुए वह कहती हैं,हां, कुछ कारणों से मैं अभी याचिका दायर नहीं कर पाई हूं लेकिन जल्द ही अदालत जाऊंगी. इन पाखंडी मौलवियों ने इस्लाम का मजाक बनाकर रख दिया है. आपको यकीन नहीं होगा बरेली में हालत ऐसी हैं कि इन्होंने बरेली को तालिबान बना दिया है.” निदा हलाला पीड़िताओं को इंसाफ दिलाने के लिए भी काम कर रही हैं. दरगाह आला हजरत खानदान की बहू निदा कहती हैं कि हलाला को इन मौलवियों ने बिजनेस बना दिया है . देशभर में तकरीबन दो लाख मुस्लिम महिलाएं हलाला की शिकार हैं. मैं इस लड़ाई को दूर तक ले जाऊंगी. इन मौलवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. गौरतलब है कि निदा खान खुद तीन तलाक पीडिता हैं.

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