जहां होती थी एक नामी मस्जिद अब वहां लगेगी प्रभु लक्षण जी की मूर्ति… वैदिक काल की तरफ लखनऊ योगी के राज में

जिस दिन से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है उसी दिन से प्रदेश सरकार विकास के धर्म पथ पर अग्रसर है. योगी आदित्यनाथ जी अपनी अपनी जिस हिंदूवादी छबि के लिए जाने जाते हैं, मुख्यमंत्री बनने के बाद वह अपनी उसी छबि के अनुरूप कार्य कर रहे हैं. अब योगी के नेतृत्व वाले उत्तर प्रदेश में एक ऐसा फैसला लिया जाने वाला है जिसे जानकर हिन्दू समाज खुशी से झूम उठेगा. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का एक इतिहास बदलने वाला है तथा लखनऊ में जहाँ कभी एक नामी मस्जिद होती थी वहां लगने वाली है प्रभु श्री लक्षमण जी की मूर्ति.

खबर के मुताबिक़, लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी में लखनऊ की टीले वाली मस्जिद के सामने लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पेश किया गया. लखनऊ नगर निगम की मेयर संयुक्ता भाटिया को संबोधित ये प्रस्ताव BJP के दो पार्षदों ने 27 जून को पेश किया. BJP पार्षद दल के उपनेता रामकृष्ण यादव और पार्षद दल के मुख्य सचेतक रजनीश गुप्ता की तरफ से पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि लखनऊ का इतिहास भगवान लक्ष्मण से जुड़ा हुआ है. इसलिए, जन भावनाओं को देखते हुए टीले वाली मस्जिद के सामने लक्ष्मण जी की मूर्ति नगर निगम लगाए.BJP पार्षद दल के उपनेता रामकृष्ण यादव के मुताबिक, टीले वाली मस्जिद का नाम लक्ष्मण टीला रहा है. लिहाजा, इस जगह पर लक्ष्मण जी की मूर्ति लगाई जानी चाहिए. इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल जी टंडन ने अपनी किताब में टीले वाली मस्जिद जी जगह पर प्राचीन लक्ष्मण टीला होने का दावा किया था.

नगर निगम के इस प्रस्ताव के बाद मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं की तरफ से इसका विरोध भी शुरू हो गया है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मुताबिक, BJP राजनैतिक लाभ के लिए इस विवाद को पैदा करना चाहती है. विवाद बढ़ने के बाद नगर निगम बोर्ड की अगली बैठक में इस मामले पर चर्चा की जा सकती है. इस विवाद को लेकर बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि अगर कोई जमीन नगर निगम की है तो वह वहां कुछ भी कर सकती है. इसका विरोध करने का कोई मतलब नहीं है. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो वहां मूर्ति लगाई जाएगी. जो कुछ होगा वह नियम और संविधान के मुताबिक होगा. अगर कोई इसका विरोध करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा ये भी एक सत्य है कि टीले वाली मस्जिद का नाम लक्ष्मण टीला ही था जिसे बाद में नाम दिया गया और नगर निगम एक बार पुनः लखनऊ को उसका गौरव वापस दिलाएगा.

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