नहीं रहे तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री करूणानिधि… प्रभु श्रीराम के विरोधी के रूप में बनाई थी अपनी छबि

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री तथा डीएमके अध्यक्ष एम. करुणानिधि का आज मंगलवार की शाम चेन्नई के कावेरी हॉस्पिटल में देहांत हो गया. प्रभु श्रीराम विरोधी के तौर पर अपनी छबि बनाने वाले करूणानिधि की कई दिनों से हालत गंभीर बनी हुई थी तथा वह चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती थे. अस्पताल के बुलेटिन ने उनकी मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा कितमाम कोशिशों के बावजूद हम उन्हें बचा नहीं पाए. 3 जून 1924 को जन्मे करुणानिधि ने 94 वर्ष की आयु में आज शाम 6:10 बजे अंतिम सांस ली.

करुणानिधि की मौत की खबर सुनते हुए तमिलनाडु में शोक की लहर दौड़ गई है तथा उनके समर्थक दहाड़ें मारकर रो रहे हैं. करुणानिधि के जाते ही तमिलनाडु की राजनीति के एक बड़े युग का अंत हो गया है. पहले जयललिता और अब करूणानिधि के मृत्यु के बाद न सिर्फ तमिलनाडु बल्कि देश की राजनीती में एक खालीपन आ गया है. करूणानिधि पिछले 11 दिनों ने कावेरी हॉस्पिटल में भर्ती थे. चेन्नई स्थित कावेरी हॉस्पिटल के बाहर उनके समर्थकों को जमावड़ा लगा हुआ है. लोगों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है. समर्थकों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. हॉस्पिटल के अलावा करुणानिधि के घर के बाहर भी बड़ी तादाद में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

करूणानिधि ने अपनी छबि हिन्दू विरोध की बनाई हुई थी तथा उन्होंने सनातन के आराध्य प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को मानने से ही इंकार कर दिया था. करुणानिधि तिमलनाडु के 5 बार मुख्यमंत्री रहे और वे 60 वर्षों तक लगातार विधायक रहे. उन्होंने भारतीय राजनीति का एक अजेय विधायक कहा जाता है. करूणानिधि की मृत्यु के बाद एकतरफ जहाँ उनके समर्थकों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं वहीं भारतीय राजनीति के दिग्गजों ने भी उनकी मृत्यु पर शोक जताया है. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने करूणानिधि की मृत्यु पर ट्वीट करके उनके लिए शोक संवेदना व्यक्त की है तथा उन्हें भारतीय राजनीति का एक कद्दावर नेता बताया है.

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