दुर्दांत नक्सली महेंद्र मुंडा ने त्याग दिए हथियार और बोला- “अब नक्सलियों को मारना ही मेरे जीवन का मकसद”

झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत झारखंड पुलिस लगातार नक्सलियों को मुख्यधारा में आने की अपील करती रहती है. आज खूंटी में नक्सली महेंद्र मुंडा ने खूंटी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया. रांची के डीआईजी अमोल वेनुकांत होमकर ने गुलदस्ता देकर नक्सली का स्वागत किया और साथ ही दो लाख रुपये का चेक भी सौंपा. नक्सली महेंद्र मुंडा ने कहा कि वो मुख्यधारा से जुड़कर पुलिस बनना चाहता है. महेंद्र मुंडा खुद जंगलों में भटके युवकों को मुख्यधारा से जोड़ना चाहता है और नक्सलियों से लोहा भी लेना चाहता है. आपको बता दें कि महेंद्र मुंडा प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का नक्सली एरिया कमांडर रह चुका है.

हत्या रंगदारी,आगजनी समेत झारखंड के विभिन्न थानों में कई आपराधिक घटनाओं में महेंद्र मुंडा की पुलिस तलाश कर रही थी. डीआईजी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार के आत्मसमर्पण नीति की तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने का काम किया जा रहा है. इसमें झारखंड पुलिस को सफलता भी मिल रही है और नक्सली बड़ी संख्या में मुख्य धारा में वापस भी आ रहे हैं.वहीं खूंटी के एसपी ने कहा कि खूंटी पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ लगातार सफलता मिल रही है. पुलिस के खौफ की वजह से नक्सली खुद पुलिस के सामने आताम्समार्पण कर आम जिंदगी जीने के लिए सामने आ रहे है. नक्सलियों के कई परिवार और खुद कई नक्सली भी पुलिस के संपर्क में है. जल्द ही कई बड़े नक्सली भी मुख्यधारा में वापस लौटने के लिए आत्मसमर्पण कर सकते हैं

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