गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रध्वज को जलाया, वन्देमातरम गाते बच्चो पर हमला कर के गांधी की फोटो पैरों से कुचला.. घटना कश्मीर की नही

अचानक ही खामोशी छा गयी है तमाम धर्मनिरपेक्ष वर्ग की अगुवाई करने वालों में .. बार बार नाथूराम गोडसे का नाम ले कर खुद को देशभक्त बताने वालों की कलई तब खुल गयी थी जब गांधी की तस्वीर को पहले पैरों के नीचे कुचला गया और उसके बाद राष्ट्रध्वज को आग के हवाले कर दिया गया .. इतना ही नही, भारत माता की जय व वन्देमातरम के गाने गा रहे बच्चों पर भी हमला किया गया और उन्मादी नारे लगाए गए.. ये घटना कश्मीर की नहीं बल्कि भारत के मध्य में पड़ने वाले बिहार की है जहां की एक घटना के बाद सिहर गए हैं तमाम सभ्य समाज के लोग.. यहां उन्माद फैलाने वाले देशद्रोही अपराधी का नाम गुलाम मुस्तफ़ा है ..

कटिहार जिले के हफलागंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर देशद्रोही तत्वो ने स्कूल पर हमला कर दिया, जिसमे कई बच्चें घायल हो गए। गुसाये लोगो ने हमलावर के बाइक को आग के हवाले कर दिया है। घटना के बाद सभी शिक्षक जान बचाने के लिए स्कूल छोड़ फरार हो गए है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में साउंड किराये पर देने वाले राहुल कुमार ने बताया कि मध्य विद्यालय हफलागंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर सांस्कृत कार्यक्रम हो रहा था। तभी गाँव के ही पूर्व मुखिया का बेटा राजा लड़कियो का वीडियो बनाने लगा। शिक्षकों ने जब वीडियो बनाने से मना किया तो वह शिक्षक से ही उलझ गया।

स्कूल में अपने बेटे के साथ झगड़ा की खबर सुनकर पूर्व मुखिया गुलाम मुस्तफा भी अपने समर्थकों के साथ लाठी डंडे से लैस होकर स्कूल पहुँच गया और अंधाधुंध लाठी चलाने लगा। उसने बताया कि मारपीट में जब वह अपने साउंड को समेटकर जाने लगा तो उसपर भी हमला किया गया। छात्र गुड्डू ने बताया कि आज जो झंडोतोलन हुआ था, उसे भी पूर्व मुखिया द्वारा तोड़ दिया गया। इतना ही नहीं पास रखे गाँधी के चित्र को भी लात मारकर फेक दिया। इस घटना की सूचना जैसे ही बच्चों के परिजनों को मिली वे घटना स्थल पर आकर हमलावर को ललकारने लगे।

बड़ी संख्या में ग्रामीणों को आता देख सभी भाग गए, मगर उनकी बाइक छूट गई। ग्रामीणों ने गुुलाम की बाइक आग के हवाले कर दिया है। गाँव मे शांति बहाल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।खबर लिखे जाने तक थाने में किसी तरह का मामला नही दर्ज कराया गया है।

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