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वो बच्चे कहकर तो निकलते थे स्कूल के लिए, लेकिन पहुंचा दिए जाते थे मदरसे में.. माँ बाप को पता ही नहीं था कि उनकी संतान क्या बनाई जा रही

उन बच्चों के माता पिता सोचते थे कि उन्होंने अपने बच्चों का एडमिशन एक अच्छे पब्लिक स्कूल में करवाया है. वो बच्चे घर से स्क्कूल में पढने के लिए भी जाते थे लेकिन वो स्कूल नहीं बल्कि मदरसा पहुँचते थे. माता पिता सोचते थे कि उनके बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ रहे है, अंग्रेजी सीख रहे हैं लेकिन वो नहीं जानते थे कि उनको बच्चों को क्या सिखाया जा रहा है, क्या बनाया जा रहा है. मामला उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का है जहाँ ये सनसनीखेज मामला सामने आया है.

खबर के मुताबिक, फर्रुखाबाद के थाना जहानगंज क्षेत्र में गुरुवार को उपजिलाधिकरी सदर और समाज कल्याण अधिकारी ने एक मदरसा में छापा मारा. मदरसे में दूसरे स्कूल के छात्र मिलने पर स्कूल के प्रधानाचार्य एवं मदरसे के उप प्रबन्धक को फर्जीवाड़ा के चलते पुलिस को सौंप दिया है. ग्राम भडौसा स्थित मदरसा बिब्बल बेगम अल्पसंख्यक बालिका हाई सेकेंडरी स्कूल में एसडीएम सदर एवं समाज कल्याण अधिकारी संजीव लोचन मिश्रा की टीम को जांच पड़ताल में दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल काली मिली. मदरसे में ग्राम सदरियापुर के एमटीएस पब्लिक स्कूल के 14 छात्र पाए गए. छात्रों को लाने और ले जाने वाली मैजिक नंबर यूपी 76 के/39 46 भी वहां खड़ी मिली. जांच में पाया गया कि मदरसे के अलावा पब्लिक स्कूल भी बिना मान्यता के चलाया जा रहा था. मदरसे में मौजूद पब्लिक स्कूल के 14 बच्चों को थाना जहानगंज ले जाया गया.

मदरसे के उप प्रबंधक एवं एमटीएस पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य को पकड़ कर थाना जहानगंज पुलिस के हवाले किया गया. मदरसे में पाए गए सभी हिंदू छात्र कक्षा एक से कक्षा 10 तक के छात्र हैं. मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह राठौर थाना जहानगंज पहुंचे. राठौर ने बताया कि प्रशासन की जांच में फिलहाल इस बात की पुष्टि हुई है कि मदरसों में फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है. मदरसा संचालक के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करवाई जाएगी और मामले की जानकारी शासन स्तर पर दी जाएगी. पाया गया कि प्रबन्ध तन्त्र छात्रों का फर्जीवाड़ा दिखा कर लाखों रुपये का वजीफा हड़प रहे थे.

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