भ्रष्टाचार से खाकी को कलंकित का रहा था सब इंस्पेक्टर तफसील अहमद. ऐसा दरोगा जो अपने ही थाने से हुआ फरार

अभी कुछ दिन पहले ही नॉएडा पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा अपने ही विभाग के अधिनस्थों के ऊपर अवैध उगाही के मामले में कार्यवाही बनी थी चर्चा का बड़ा विषय और अब लगभग वैसी ही कार्यवाही कर के बुलन्दशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने भी दिखाया भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में और किसी भी स्तर पर न सहन करने का वो दम जो अन्य पुलिसकर्मियों के लिए बन सकता है एक बड़ा उदाहरण .

ज्ञात हो कि बुलन्दशहर के थाना गुलावठी में तैनात दरोगा तफसील अहमद के खिलाफ बुलन्दशहर के ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने की है बड़ी कार्यवाही . भ्रष्टाचार की तमाम शिकायतों और पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद उसी सब इंस्पेक्टर के खिलाफ उसकी ही तैनाती स्थल पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है . मुकदमा दर्ज होते है आरोपी भ्रष्ट दरोगा फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है और जल्द ही हिरासत में आने की सम्भावना भी जताई जा रही है .

विदित हो कि आरोपी दरोगा तफसील अहमद के साथ २ अन्य भी भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी बनाए गये हैं . वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की इस कार्यवाही के बाद जिले के भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिसकर्मियों में हडकम्प मच गया है . यहाँ ध्यान देने योग्य है कि आरोपी दरोगा तफसील अहमद का घूसखोरी में पुराना रिकार्ड रहा है.  इस से पहले भी ये दरोगा चौकी इंचार्ज के पद पर रहते हुए चंदेरू गाँव एक एक पीड़ित के ऊपर फर्जी मुकदमे बनाने और उस से 20 हजार रूपये की घूस लेते समय पकड़ा जा चुका है जिसका विडिओ भी वायरल हो गया था और बाद में इसको सस्पेंड कर दिया गया था . इस बार भी मुकदमा दर्ज करने के लिए खुद पीड़ित से ही करीब डेढ़ लाख रूपये लेने की बात सामने आ रही है . सितम्बर 2016 में निलम्बन और फिर उसके बाद इनकी बहाली और इनकी एक नामी थाने में तैनाती कहीं न कहीं किसी और ही तरफ इशारा कर रही है . फिलहाल पुलिस कप्तान प्रभाकर चौधरी की ये कार्यवाही भ्रष्टाचार से संघर्ष करती आम जनता के बीच में प्रसंशा व् चर्चा का विषय बनी हुई है .

Share This Post