मज़हबी संस्थाओं पर खूब पैसा खर्च करते ममता राज के स्कूलों का हाल देख कर रोना आएगा मासूमो के हाल पर

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के कोन्नगर इलाके में सरकारी अनुदान प्राप्त सी एस विद्यालय आजकल बिल्कुल बदहाल स्थिति में पहुँच गया है. कक्षा 01 से कक्षा 04 तक चलने वाले इस प्राथमिक विद्यालय के कमरे बिल्कुल जर्जर हो चुके हैं. अपने जान का जोखिम उठाकर छोटे-छोटे बच्चे इस विद्यालय में पढ़ने को मजबूर हैं. करीब 9 कट्ठा जमीन में सन 1972 में बने इस विद्यालय में कहने को तो 4 कमरे हैं लेकिन बदहाली के कराण दो कमरों को बंद कर दिया गया है.

अन्य दो कमरों की दीवारें कभी भी ढह सकती हैं. किसी बड़े हादसे को ये विद्यालय लगातार निमंत्रण दे रहा है. विद्यालय के वर्त्तमान टीचर इन चार्ज की माने तो विद्यालय को बने 45 वर्ष हो चुके हैं लेकिन तब से अब तक विद्यालय की मरम्मत या भवन निर्माण के लिए सरकार की और से कोई फंड जारी नहीं किया गया है. टीचर इन चार्ज के अनुसार उन्होंने विद्यालय के मरम्मत के लिए हुगली जिला प्राइमरी काउंसिल, एसडीओ एवं स्थानीय विधायक के यहाँ आवेदन कर चुके हैं लेकिन कहीं से अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है.

विद्यालय की जमीन को अतिक्रमित बताकर सरकार द्वारा विद्यालय की मरम्मत करवाने में आनाकानी की जा रही है. लेकिन सवाल उठता है कि विद्यालय में यदि कोई बड़ा हादसा हो हया तो इसकी जिम्मेंवारी कौन लेगा. ख़ास कर उस ममता राज में जहाँ मजहबी इदारों पर जी खोल कर पैसा भी खर्च किया जाता हो और उनका बाकायदा ध्यान भी रखा जाता हो.

तस्वीरें देखिये – 

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रिपोर्ट – धनञ्जय कुमार पाण्डेय,

संवाददाता सुदर्शन न्यूज,

हुगली, पश्चिम बंगाल

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