Breaking News:

अपराधियों को कानपुर पुलिस की एक्शन पूर्व चेतावनी पर विवाद क्यों, जबकि पुलिस की नीयति एकदम साफ़

अपराधियों को खुली चेतावनी दे कर उन्हें सभ्य समाज को छोड़ देने के लिए कहना किस प्रकार से गलत है .. उत्तर प्रदेश पुलिस की कानपुर जनपद की पुलिस ने नव वर्ष में एक पोस्टर जारी किया है जिसमे सभ्य समाज को अपने कुकृत्यो से दूषित कर रहे अपराधियों और असमाजिक तत्वों को समाज से अलग हो जाने के निर्देश दिए हैं . इस पोस्टर का शांतिप्रिय , अमनपसंद लोगों द्वारा जी भर के समर्थन किया जा रहा है लेकिन कुछ लोगों ने इसको बेवजह विवाद बनाने की असफल कोशिश की है .

ध्यान देने योग्य है कि अपराध और आतंक के पूर्ण दमन के लिए प्रतिबद्ध उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर में उसने नये साल के लिये अपने ‘रिजोल्यूशन 2019’ का खुलासा किया है। इस पोस्टर से एक इशारा किया गया है जो गीता के “परित्राणाय साधुना विनाशाय च दुष्कृताम” के सिद्धांतों पर एकदम सटीक फिट होता है . इस पोस्टर में कानपुर के एसएसपी अनन्त देव की तस्वीर के साथ अपराधियों को सीधे कानपुर छोड़ देने का निर्देश दिया गया है .

इसमें नीचे एक रिवाल्वर की तस्वीर है जिसको कुछ लोगों द्वारा विवाद का विषय बनाने की असफल कोशिश की गयी .. अगर इस तस्वीर में छपी रिवाल्वर की फोटो की विवेचना की जाय तो साफ़ साफ़ रिवाल्वर के ऊपर एक बड़ी चेतावनी है .. मतलब ये उन अपराधियों के लिए है जो बार बार समझाने के बाद भी किसी भी हालत में नहीं मानने वाले हैं और समाज को दूषित कर देने की और उन्माद आदि फैलाने की कसम खा चुके हैं . अब अगर ऐसे अपराधी को डर न दिखाया जाय तो क्या किया जाय ?

शास्त्रों में भी साम , दाम , दंड और भेद का प्रावधान है . भारत के संविधान में भी दंड संहिता बनी है .. पोस्टर पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करने वाले आखिर पुलिस से उन अपराधियों के प्रति किस रवैये की अपेक्षा कर रहे हैं जो बार बार चेतावनी देने के बाद भी नहीं मान रहे हो अपनी आपराधिक या आतंकी हरकतों से ? कानपुर व्यापारियों का एक बड़ा केंद्र हैं जहाँ पर व्यापारी सबसे पहले अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखना चाहता है और प्रशासन से भी यही अपेक्षा भी करता है. ऐसे में किसी अपराधी द्वारा की गयी एक वारदात न सिर्फ समाज में भय व्याप्त कराएगी अपितु भारत के आर्थिक जगत की रीढ़ व्यापार पर भी बुरा असर डालेगी . ऐसे में व्यापारी जनता भयभीत न रहे इसका सबसे बेहतर उपाय है कि वो भय अपराधियों में व्याप्त रहे ..

इसलिए कानपुर पुलिस के इस पोस्टर में ऐसा कुछ भी गलत नहीं लग रहा जो किसी भी वाद विवाद का विषय बनाया जाय .. कुछ समय पहले अपराधियों के बीच में पिस्टल ख़राब होने के बाद भी मुंह से ठांय ठांय की आवाज निकालने वाले और मौके पर डटे रहे सब इंस्पेक्टर के खिलाफ भी कुछ लोगों ने मोर्चा खोलने की कोशिश की जबकि ठिठुरती रात में भी वो पुलिस वाला ख़राब हुई पिस्टल ले कर मौके पर डटा रहा था .. अब कानपुर पुलिस के अपराधियों के खिलाफ बने पोस्टर के विरुद्ध विवाद खड़ा करना कहीं न कहीं समाज के रक्षक पुलिस वालों का मनोबल तोड़ना और अपराधियों का मनोबल बढाना ही कहा जाएगा ..

Share This Post