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मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार ने लगाया वन्देमातरम पर बैन तो अब राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने भी लिया एक बड़ा फैसला.

अभी मध्यप्रदेश में वन्देमातरम का विवाद ठंडा पड़ा ही नहीं था कि अचानक एक और मामले ने तूल पकड़ लिया है . इस बार राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व की सरकार ने लिया है एक बड़ा फैसला . एक तरफ जहाँ नरेन्द्र मोदी कांग्रेस के तमाम पुराने नेताओं का पूरा सम्मान करते हुए जवाहर लाल नेहरु , राजीव गांधी , इंदिरा गांधी , पी वी नरसिम्हाराव , सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि का पूरा सम्मान करते रहे तो वहीँ कांग्रेस ने अपने इरादे साफ़ जाहिर कर डाले हैं .

ज्ञात हो कि त्रिपुरा में विदेशी लेनिन की मूर्ति को हटाने पर विवाद पैदा करने वाली कांग्रेस ने अब भारत और भारतीयता के ही प्रतीकों को हटाना शुरू कर दिया है . अकबर और महाराणा प्रताप के मामले से अपने इरादे जाहिर कर देने वाली कांग्रेस ने एक बार फिर से एक बड़ा कदम उठाया है .  ताजा समाचार के मुताबिक राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने सभी सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर हटाने का आदेश बुधवार को जारी कर दिया.

राज्य के मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने इस आशय का आदेश जारी किया. अतिरिक्त मुख्य सचिव रवि शंकर श्रीवास्तव की ओर से जारी इस आदेश के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल की 29 दिसंबर को हुई बैठक में किये गये फैसले के अनुसार यह कदम उठाया गया है. इसके तहत राज्य के समस्त राजकीय विभागों, निगमों, बोर्ड एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के लेटर पैड पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर का लोगो के रूप में प्रयोग/मुद्रण करने के संबंध में 11 दिसंबर, 2017 को जारी परिपत्र को वापस लिया जाता है.

 

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