बलात्कारी सजा न पाए इसके लिए इस्लामिक काजी तक रच रहा था साजिश.. वो काजी जो कहता था कि औरतों का सम्मान जरूरी है..

मोहम्मद अकरम शेख एक इस्लामिक काजी था जिसका समाज में काफी सम्मान था. काजी अकरम शेख समाज को राह दिखाने की, महिलाओं का सम्मान करने की बड़ी बड़ी बातें करता था. लेकिन फिर उसके बारे में जो सच सामने आया उसे जानकर हर कोई दंग रह गया. महिला सम्मान की बड़ी बड़ी बातें करने वाला काजी मोहम्मद उमर कादरी एक बलात्कारी को बचाने के लिए पूरी जी जान से जुटा हुआ था, इसके लिए वह कुछ भी करने को तैयार था लेकिन वह मंसूबे में कामयाब न हो सका तथा बलात्कार के आरोपी को गिरफ्तारी से बचाने के लिये फर्जी निकाहनामा तैयार करने वाले काजी को पुलिस ने मंगलवार को दबोच लिया.

मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है. इंदौर जिला अभियोजन अधिकारी  ने बताया कि निकाह के नाम पर फर्जीवाड़े की तसदीक के बाद काजी मोहम्मद उमर कादरी (45) को भंवरकुआं पुलिस ने पकड़ा है. उन्होंने बताया कि कादरी पर आरोप है कि उसने एक युवती से बलात्कार के आरोपी परवेज अली (28) को गिरफ्तारी से बचाने के लिये साजिश के तहत फर्जी निकाहनामा तैयार किया. इसकी पोल तब खुली, जब पीड़ित युवती ने कुछ दिन पहले पुलिस को इस बारे में शिकायत की. जिला अभियोजन अधिकारी ने बताया कि परवेज अली को पुलिस करीब चार महीने पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वह फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है. उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है. अभियोजन अधिकारी ने बताया कि अली ने गिरफ्तारी से बचने के लिये पुलिस के सामने एक निकाहनामा पेश किया था और दावा किया था कि पीड़ित युवती कोई और नहीं, बल्कि उसकी बीवी है.

हालांकि, युवती ने अली के साथ निकाह की बात से साफ इंकार करते हुए निकाहनामे को फर्जी करार दिया था. उन्होंने बताया कि जांच के बाद पुलिस हाल ही में इस नतीजे पर पहुंची कि निकाहनामा जाली है. छानबीन में यह भी पता चला कि अली की एक बीवी पहले से है. शेख ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने काजी को मंगलवार को ही एक स्थानीय अदालत में पेश किया और पूछताछ के लिये उसे एक दिन की हिरासत में भेजे जाने की गुहार की. अदालत ने यह गुहार मंजूर कर ली. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. 

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