अक्षरशः सत्य साबित हुए श्री सुरेश चव्हाणके जी.. अकेले पश्चिम UP में सक्रिय हो सकते हैं 10 से ज्यादा आतंकी संगठन

सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाणके जी लंबे समय से जिस बात को कहते आये हैं वो बात अब सच साबित होती हुई नजर आ रही है. देश की जांच एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश आतंकियों के एक बड़े गढ़ के रूप में उभर रहा है जहाँ आतंकी पनाह लेकर बड़े स्‍तर पर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं. बता दें कि सुदर्शन टीवी अपने दर्शकों का तथा देशवासियों का इस ओर हमेशा से ध्यान इंगित कराता रहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिले न सिर्फ आतंकियों का गढ़ बन रहे हैं बल्कि मिनी पाकिस्तान भी बनते जा रहे हैं. अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में सुदर्शन का ये दावा सच साबित हुआ है.

जांच एजेंसियों के अनुसार, पश्चिम उत्‍तर प्रदेश में 10 से अधिक आतंकी संगठन सक्रिय हैं. जिन जिलों में आतंकी संगठन सक्रिय हैं, उनमें सहारनपुर, शामली, अमरोहा, आगरा, मेरठ, मथुरा, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद और हापुड़ शामिल हैं. कहा जा रहा  है कि इन आतंकियों के खिलाफ जांच कर रही जांच एजेंसियों ने पिछले 10 सालों का ब्यौरा भी खंगालना शुरू कर दिया है. पिछले दस साल में अमेरिका में पकड़े गए पाकिस्‍तानी आतंकवादी डेविड हेडली, तसव्वुर राणा और अलकायदा आतंकी इलियास कश्मीरी तक की मेरठ में गतिविधियां पाई गईं थी. जांच एजेंसियां पिछले दस सालों के ब्यौरे से जानकारी लेकर जिनकी तलाश कर रही हैं, उनमें मेरठ में सलमान, मुजफ्फरनगर में हाफिज, शहजाद और इकबाल, आगरा में सालार, मुरादाबाद में मो. हनीफ प्रमुख रूप से शामिल हैं. जांच एजेंसियों के अनुसार पश्चिमी यूपी में अलकायदा, लश्कर-ए-तैयबा, हूजी, इस्‍लामिक स्‍टेट, आईएसआईएस, सिमी प्रमुख रूप से जड़ें जमा रहे हैं. इनके अलावा भी अन्य आतंकी संगठन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठिकाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं.

पुराना रहा है इतिहास

मेरठ : 26 जनवरी, 2010 को मेरठ की रूबी और पाकिस्तानी असद को रुड़की (हरिद्वार) में गिरफ्तार किया गया था. असद नाम बदलकर रह रहा था और पासपोर्ट भी बनवाया. दोनों आइएसआइ एजेंट बताए गए थे. 11 जनवरी 2010 को आबूलेन में आइएसआइ एजेंट नासिर गिरफ्तार हुआ. 12 सितंबर, 2009 को कानपुर में पकड़े आईएसआई एजेंट इम्तियाज, 10 जनवरी 2009 को कैंट में पकड़े गए आईएसआई एजेंट अमीर अहमद, 2 जून 2011 को रुड़की में पकड़ा गया मेरठ निवासी आइएसआइ एजेंट फुरकान अहमद उर्फ अजय ने मेरठ से कनेक्शन होने का खुलासा किया. अजय से ही पूछताछ में खुलासा हुआ कि जयपुर सीरियल ब्लास्ट में शामिल शमीम बागपत के किरठल का निवासी था और वह हूजी का कमांडर है.

मुजफ्फरनगर: बुढ़ाना के गांव जौला से आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद का कमांडर मोहम्मद वारिस गिरफ्तार हुआ था. अटारी बार्डर पर हेरोइन के साथ कांधला निवासी साबिर और नसीरन पकड़ी गई थी. आठ साल पहले महलकी निवासी नेत्रहीन कारी सलीम गिरफ्तार किया गया था.

सहारनपुर: शाहिद इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल पटियाला में पकड़ा गया था. सहारनपुर में उसने जन्म प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था. दो कश्मीरी छात्र पकड़े, जो चार महीना पहले ही मेरठ जेल से सजा पूरी होने के बाद छूट गए. अयोध्या में आतंकी हमले की साजिश से जुड़ा एक आरोपी डाक्टर सहारनपुर के तीतरो से गिरफ्तार हुआ था.

शामली: वर्ष 2005 में एसटीएफ ने पांच किलो आरडीएक्स और अत्याधुनिक असलहों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो जम्मू कश्मीर निवासी थे. कैराना निवासी इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तान में रहकर नकली नोटों के नेटवर्क संचालित कर रहे हैं. गठरी उद्योग के जरिये समझौता एक्सप्रेस से कैराना पहुंची 40 पिस्टल बरामद हुई थीं.

बिजनौर: दिल्ली में गिरफ्तार किए गए जनपद निवासी दो युवक आतंकी संगठन हूजी के लिए काम कर रहे थे. बिजनौर से मुकीम और नासिर को गिरफ्तार किया गया.

हापुड़: पिलखुवा निवासी अब्दुल करीम उर्फ टुंडा गिरफ्तार किया गया. हापुड़ से चार आतंकी गिरफ्तार हुए थे, जिन पर पोटा भी लगा था.

आगरा: जनवरी निवासी मेहरुन्निसा उर्फ ज्योति अक्टूबर 2009 में कोलकाता में गिरफ्तार हुई उसने मेरठ में दर्जनभर एजेंट बनाए.

बता दें कि हाल ही में राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली में छापेमारी करके बड़े स्‍तर पर आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (आईएसआईएस) के मॉड्यूल के संदिग्‍ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी बरामद किए गए थे. एनआईए इस मामले में लगातार छापेमारी कर रही है.

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