जाटवों पर मजहबी उन्मादियों का कश्मीरी अंदाज में पथराव… जजिया कर वसूलने की कर रहे थे कोशिश

जय भीम जय मीम तथा दलित-मुस्लिम एकता के नारे की हकीकत क्या है इसकी बानगी उत्तर प्रदेश के एत्माद्दौला में उस समय देखने को मिली जब मामूली सी बात को लेकर जाटव समुदाय के घरों पर मजहबी उन्मादियों ने कश्मीरी अंदाज में भीषण पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस वारदात में तीन लोग घायल हो गए तथा सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया. एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई तथा मौके से कई लोग हिरासत में लिए गए हैं. एक तरफ से तहरीर सरस्वती देवी ने दी है.

बताया है कि शाम पांच बजे सरस्वती के जेठ बहादुर की परचून की दुकान पर मुस्लिम समुदाय के तीन बच्चे टॉफी लेने आए. वे गाली दे रहे थे. सरस्वती का कहना है कि उसके बेटे अमित ने उन बच्चों से कहा कि गाली देकर बात न करें. इस पर भी वे नहीं माने तो अमित ने फटकार लगा दी. वे इसी पर गुस्से में आ गए तथा घर चले गए. वहां से परिवार के ही गफ्फार के दो बेटे परवेज और इकरार व अन्य लोग आ गए. सरस्वती देवी ने बताया कि उन लोगों ने हमारे घर पर हमला बोल दिया.  अमित के साथ मारपीट की. शोर मचने पर जाटव बस्ती से काफी लोग आ गए.

सरस्वती के मुताबिक़, उनकी जाटव बस्ती से आये लोगों ने हमलावरों का मुकाबला किया. उन्मादियों के पथराव में तीन लोग घायल हुए हैं.  पुलिस के पहुंचने पर जैसे तैसे बवाल शांत हुआ. पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस जब आरोपियों की तलाश में जा रही थी तब उस पर भी पत्थर फेंके गए.  यहां पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों के बीच भी पथराव हुआ. सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था.

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