JNU, AMU के बाद अब जामिया में विवाद.. इस बार एक नया मामला

JNU तथा AMU के बाद दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी विवाद के कारण सुर्ख़ियों में बनी हुई है. खबर के मुताबिक़, देश की राजधानी दिल्ली में स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की एक छात्रा के साथ कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई जिसके चलते उसे गुरुवार रात अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इस घटना के बाद छात्रों को सुरक्षा देने में प्रशासन की विफलता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.

आपको बता दें कि 1 फरवरी से ही फाइन आर्ट के छात्र, एप्लाइड आर्ट्स विभाग के प्रमुख हफीज अहमद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों ने हाफिज अहमद पर यौन उत्पीड़न, छात्रों को डराने और क्षेत्रवाद का आरोप लगाया है. यह सब जनवरी में तब शुरू हुआ जब छात्रों ने संकाय सदस्यों की कमी के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया. ग्रेजुएशन में पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया, ‘हमारे पास नौ विषय हैं और सिर्फ एक फैकेल्टी मेंबर है.’ एचओडी ने कथित रूप से छात्रों को धरना प्रदर्शन के खिलाफ चेतावनी दी. विभाग के एक अन्य छात्र ध्रुव ने कहा, ‘उन्होंने मुझे 31 जनवरी को अपने कार्यालय में बुलाया और मुझे धमकी दी. उन्होंने मुझे यह भी बताया कि अगर उन्होंने विरोध जारी रखा, तो वह मुझे धमकाएंगे और पीटेंगें.’ ध्रुव ने आरोप लगाया कि इसके बाद एचओडी के भेजे गए आदमियों ने उन्हें पीटा भी.

जामिया के छात्र ध्रुव ने कहा कि मारने आए लोगों ने पहले मुझसे पूछा कि क्या मैं प्रोटेस्ट कर रहा हूं और फिर मुझे पीटना शुरू कर दिया. इसके बाद कुछ अन्य छात्र भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए. गुरुवार को जब प्रदर्शनकारी छात्र एचओडी से बात करने के लिए कला विभाग के रास्ते में थे तभी एचओडी के पक्ष में खड़े छात्रों ने हमला कर दिया. कथित तौर पर इस हाथापाई में कुछ महिला छात्राओं पर भी हमला किया गया. बाद में, छात्र अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कुलपति कार्यालय गए. इसी दौरान एक छात्रा का कुछ लोगों ने कॉलर पकड़ा और गलत तरीके से छुआ. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि एचओडी के समर्थन में खड़े छात्रों ने ही यह काम किया है.  जामिया के फाइन आर्ट्स के छात्र मनीष का कहना है, ‘हमने शिकायत दर्ज करने के लिए पीसीआर को फोन किया. लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और हमें ऐसा करने से रोक दिया.’ हालांकि प्रशासन का कहना है कि दोषी छात्रों को निलंबित कर दिया गया है और एचओडी को भी छुट्टी पर भेज दिया गया है.

विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रवक्ता अहमद अजीम का कहना है कि छात्रों की शिकायतें पर विद्यालय प्रशासन का ध्यान है. जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी. विभाग की छात्राओं ने हाफिज पर भद्दे कमेंट, व्यक्तिगत हमले और अनचाहे टेक्स्ट मैसेज भेजने का आरोप लगाया है. विभाग की एक छात्रा ने हाफिज पर आरोप लगाया कि एक मैसेज में छात्रा को उन्होंने ‘रानी’ कहा. छात्रा ने यह भी कहा कि हाफिज को कपड़ों पर टिप्पणी करने के लिए जाना जाता है. फाइन आर्ट्स के डीन नुजहत काजमी को एप्लाइड आर्ट विभाग का प्रभार दिया गया है. छात्राओं का आरोप है कि उनकी शिकायतों को सुनने के लिए डीन आगे नहीं  आ रही हैं. डीन और एक्टिंग एचओडी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. आन्दोलनरत छात्र-छात्राओं का कहना  है कि हाफिज छात्राओं के साथ अभद्रता करता है लेकिन प्रशासन उनकी सुनने को तैयार नहीं है.

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