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इज्तिमा से वापस लौटते समय उन्मादी हो गए कुछ लोग.. ट्रेन को जलाने की कोशिश, ट्रेन ड्राइवर ने भागकर बचाई अपनी जान.. सवाल ये कि कौन सी शिक्षा मिली वहां ?

हाल ही में बुलंदशहर में संपन्न हुए मजहबी कार्यक्रम इज्तिमा के बारे में कहा गया था कि ये कार्यक्रम अमन के पैगाम के लिए आयोजित किया जाता है, शांति के सन्देश के लिए आयोजित किया जाता है. लेकिन इज्तिमा में शामिल होकर लौट रहे लोगों ने मेरठ में जो उत्पात मचाया, उन्माद फैलाया उससे ये सवाल जरूर खडा हुआ कि आखिर इज्तिमा में इन लोगों को क्या सिखाया गया होगा, या फिर इन लोगों ने क्या सीखा? आपको बता दें कि इज्तिमा से लौटते समय कुछ लोग उन्मादी हो गये, ट्रेन को जलाने की कोशिश की. स्थिति ये हो गई कि ट्रेन ड्राइवर को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी.

खबर के मुताबिक़, बुलंदशहर में इज्तिमा से लौट रहे जमातियों ने मेरठ-हापुड़ रेल मार्ग के बीच मेरठ में चंदसारा गांव के पास बुलंदशहर स्पेशल ट्रेन के इंजन को आग के हवाले करने की कोशिश की. विरोध करने पर लोको पायलट की पिटाई कर दी. लोको पालयट ने गार्ड के डिब्बे में घुसकर जान बचाई. मौके पर पहुंचे रेलवे के कर्मचारी व पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया. बुलंदशहर में आयोजित इज्तिमा से लौट रहे जमातियों की सुविधा के लिए रेलवे ने बुलंदशहर स्पेशल ट्रेन चलाई थी. ट्रेन शाम 6.30 बजे बुलंदशहर से मेरठ के लिए रवाना हुई. रात 10 बजे खरखौदा से करीब दो किलोमीटर मेरठ की तरफ चलते ही ओएचई (ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर) टूट गया. तार अटकने से इंजन का पैंटो टूट गया, जिससे ट्रेन खड़ी हो गई.

इसके बाद ट्रेन में सवार जमातियों ने हंगामा कर दिया. भीड़ लोको पायलट के पास जा पहुंची और तत्काल ट्रेन चलाने को कहा. लोको पायलट ने तार टूटने की मजबूरी बताई, जिसके बाद जमातियों ने हंगामा कर दिया. ट्रेन के लोको पायलट डालचंद मीणा ने बताया कि उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे उग्र्र हो रहे थे तथा हाथापाई शुरू हो गई.. वे इंजन पर चढ़कर मारपीट पर आमादा हो गए. इसके बाद भीड़ हल्ला करते हुए इंजन में आग लगाने की कोशिश करने लगी. लोको पायलट ने बताया कि जान का खतरा भांपकर उन्होंने वहां से दौड़ लगा दी और गार्ड के डिब्बे में घुसकर जान बचाई. इसके बाद जमाती इंजन पर चढ़ गये तथा आग लगाने की कोशिश की. पायलट और गार्ड ने बवाल की जानकारी वायरलेस से उच्च अधिकारियों को दी. इसके बाद पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए तो वहीं रेलवे के इलेक्ट्रिक विभाग के कर्मचारी व अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा बड़ी मुश्किल से उन्माद पर उतारू जमातियों को रोका.

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