मुठभेड़ में मारे गये अपराधियों के रोहिंग्या होने के शक के बाद सिमटने शुरू हुए तमाम तथाकथित बुद्धिजीवी… सत्य पर अडिग अलीगढ़ पुलिस

अलीगढ़ पुलिस के एनकाउंटर में मारे गये साधू तथा एक दंपत्ति के हत्यारे बदमाशों को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. आशंका जताई जा रही है कि कहीं ये बदमाश रोहिंग्या तो नहीं थे. रोहिंग्या कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस उनके असली नाम, पते व उनके साथियों के कनैक्शनों को खंगालने में जुटी हुई है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में बदमाशों के कब्जे से मिले आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं. अभी तक उनका बिहार कनैक्शन सामने आ रहा था, लेकिन पूछताछ के बाद उनका पश्चिम बंगाल के पुरूलिया में फैमली कनैक्शन सामने आया है. अलीगढ़ पुलिस को शक है कि मुठभेड़ में मारे गए बंग्लादेशी या रोहिंग्या हो सकते हैं. बदमाशों के रोहिंग्या या बांग्लादेशी होने की आशंका के बाद  पुलिस टीमों को पुष्टि के लिए भेजा गया है. इसके बाद ही पूरे मामले में स्थिति साफ हो सकेगी.

अलीगढ़ पुलिस एसएसपी अजय कुमार साहनी अपनी टीम के साथ इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के प्रयासों में जुटे हुए हैं. इस क्रम में एसएसपी अपनी टीम के साथ अतरौली पहुंचे, जहां उन्होंने मुठभेड़ में मारे गए आरोपित मुस्तकीम की मां शायना, दादी रफीकन, पत्नी हिना व नौसाद की मां शबनम से अलग-अलग पूछताछ की. इस दौरान महिलाएं सिवाए अपने नाम के अपना सही पता नहीं बता सकीं. बकौल एसएसपी, पूछताछ में महिलाएं अपने बयानों को बार-बार बदल रही हैं. उन्होंने पहले खुद को बिहार का फिर बिहार व पश्चिम बंगाल के पुरूलिया का रहने वाला बताया है. जिसके आधार पर उनके नाम, पते की पुष्टि करने के लिए एक टीम वहां भेजी गई है.

एसएसपी ने बताया कि आधार कार्ड पर मिले (थिम्ब इंप्रेशन) अंगूठा निशानी के आधार पर बदमाशों के असली पते, ठिकाने की पुष्टि के लिए उनका वेरीफिकेशन कराया जा रहा है. बदमाशों की आस-पास के जिलों में भी क्राइम हिस्ट्री खंगाली जा रही है. अभी तक अलीगढ़, बुलंदशहर,बागपत व शामली जनपदों में उनकी क्राइम हिस्ट्री मिली है. शामली में उन्होंने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था. अन्य जनपदों में भी उनका आपराधिक रिकार्ड तलाशा जा रहा है. एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों के स्थानीय नाम, पतों की पुष्टि कराई गई है. लेकिन उनका छर्रा में रहने के ठिकाने की पुष्टि नहीं हुई है. इसी तरह फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जाने की बात सामने आयी है. बदमाशों के परिजनों ने पूछताछ में खुद को पश्चिम बंगाल के पुरूलिया का रहने वाला बताया है. इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है. बदमाश जिन जेलों में बंद रहे हैं वहां से भी उनकी जानकारी जुटाई जा रही है.

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