अयोध्या में लाखों संतों की मौजूदगी का झूठा डर बता रहे थे कुछ लोग जबकि अयोध्या से कुछ ही किलोमीटर पर 9 हिन्दुओं को बनाया जा रहा मुसलमान

शिवसेना तथा विश्व हिन्दू परिषद् ने 26 नवम्बर को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए धर्मसभा बुलाई तो देश में अलग तरह का माहौल बनाने का प्रयास किया गया. तथाकथित सेक्यूलर राजनेता तथा बुद्धिजीवियों की तरफ से तर्क दिया गया गया तथा हिन्दू संगठन अयोध्या में इकट्ठे होकर मुस्लिम समाज में डर पैदा कर रहे हैं. इसके बाद अयोध्या में लाखों की संख्या में देशभर के हिन्दू संत तथा कार्यकर्ता सम्मिलित हुए तथा कहीं कोई भय का माहौल नहीं दिखा, कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई.

लेकिन श्रीराम की नगरी अयोध्या में लाखों संतों की मौजूदगी को जब डर का कारण बताया जा रहा था, उस समय अयोध्या से कुछ ही दूरी पर हिन्दू समाज के 9 लोगों को मुसलमान बनाया जा रहा था. अगर हिन्दू संतों की अयोध्या में मौजूदगी से मुस्लिम समाज में डर ही होता तो एक साजिश के तहत 9 हिन्दुओं को मुसलमान नहीं बनाया जा सकता था. मामला 23 नवम्बर का है जब उत्तर प्रदेश के गोंडा के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के दिनारी गांव में दो परिवारों के नौ सदस्यों का धर्म परिवर्तन करा कर उन्हें मुसलमान बना दिया गया तथा सभी के मुस्लिम नाम भी रख दिए गए. इसमें सात लोग एक ही परिवार के हैं जबकि दो लोग दूसरे परिवार से हैं. मामले की जानकारी होने पर पुलिस ने मौके पर जाकर छानबीन की और धर्म परिवर्तन की पुष्टि की. एक मौलाना ने सभी सदस्यों को कलमा पढ़ाकर धर्म परिवर्तन कराया.

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