गांधी मोहम्मद अली मेमोरियल इंटर कॉलेज में “भारतमाता की जय” बोलने पर मिलती है कड़ी सजा.. आखिर कहाँ तक फ़ैल रहा कट्टरपंथ ?

देश अभी तक नहीं भूला होगा ओवैसी के उस बयान को जिसमें उसने कहा था कि अगर कोई उसकी गर्दन पर चाकू भी रख देगा तो भी वह भारतमाता की जय नहीं बोलेगा. ओवैसी के अलावा भी कई कट्टरपंथी मौलाना भारतमाता की जय तथा वंदेमातरम् बोलने से साफ़ इनकार कर चुके हैं लेकिन देश का एक इंटर कॉलेज मजहबी कट्टरपंथ की सारी हदें पार कर चुका है. इस इंटर कॉलेज में अगर कोई छात्र गलती से भी भारतमाता की जय या वंदेमातरम् बोल देता है तो उस छात्र को कड़ी सजा दी जाती है, धुप में मुर्गा बनाया जाता है.

मामला यूपी के बलिया का है, जहां एक सरकारी स्कूल पर आरोप लगा है कि वहां ‘भारत माता की जय’ बोलने पर पाबंदी है, इतना ही नहीं, ऐसा करने वालों को सजा भी दी जाती है. सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक़, बलिया के बिल्थरारोड नगर के मालगोदाम रोड स्थित जीएमएएम (गांधी मोहम्मद अली मेमोरियल) इंटर कॉलेज में  भारतमाता की जय तथा वंदेमातरम् बोलना एक संगीन अपराध माना जाता है तथा ऐसा करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है तथा इसके कई विडियो भी सामने आये हैं. विडियो सामने आने के बाद जब मानस मंदिर नामक सामाजिक संस्था के कमिटी मैनेजर शिव कुमार जयसवाल जब स्कूल पहुंचे तो खुद स्कूल के छात्रों ने बताया कि उन्हें ‘भारत माता की जय’ बोलने पर सजा दी जाती है.

इसके अलावा स्कूल के कुछ शिक्षकों ने भी ये बात स्वीकार की है कि स्कूल में वंदेमातरम् तथा भारतमाता की जय बोलना एक अपराध की तरह माना जाता है. हमारे पास स्कूल के अर्थशास्त्र के शिक्षक संजय पांडे का वह विडियो है जिसमें वह इस बात को स्वीकार कर रहे हैं. शिक्षक संजय पांडे ने कहा कि स्कूल में देशभक्ति वाले नारे लगाने वालों को प्रताड़ित किया जाता है. संजय ने आरोप लगाया कि स्कूल में अधिकतर मुस्लिम टीचर होने की वजह से ऐसा होता है. पांडे ने कहा, ‘हाल ही में स्कूल के जावेद अख्तर नामक टीचर ने एक छात्र सूरज को भारतमाता की जय बोलने पर घंटों तक कड़ी धूप में खड़ा रखा तथा उसको सजा दी. पिछले कुछ महीनों से लगातार ऐसा हो रहा है. इसे लेकर मानस मंदिर संस्था के शिव जायसवाल ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र भी लिखा है. उन्होंने सीएम से स्‍कूल पर कार्रवाई करने और जांच के बाद मान्‍यता रद्द करने की मांग की है.

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