वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के बाद अब बनेगा “माँ गंगा एक्सप्रेसवे” हाईवे.. पवित्र कुंभ में कैबिनेट मीटिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया एलान

पिछले दिनों ही भारत की पहली मेड इन इंडिया ट्रेन टी-18 को वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन नाम दिया गया था तो अब योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में दुनिया के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे बनाने का एलान कर दिया. इतिहास में पहली बार कुंभ मेले में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रयागराज को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने के लिए दुनिया के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे को मंगलवार को सैद्धांतिक सहमति दी. योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि इस एक्सप्रेस वे का नाम गंगा एक्सप्रेस वे होगा.

प्रयागराज में कुंभ मेला क्षेत्र में स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया सेंटर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया, “उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भाग को प्रयागराज से जोड़ने के लिए मंत्रिमंडल ने गंगा एक्सप्रेसवे को सैद्धांतिक सहमति दी है.” उन्होंने बताया, “यह एक्सप्रेसवे मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज आएगा. यह एक्सप्रेसवे जब बनेगा तो दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा. यह लगभग 600 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे होगा.”

मुख्यमंत्री ने बताया, “इस एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 6,556 हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी. फोर लेन एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे का छह लेन तक विस्तार किया जा सकेगा. इस पर लगभग 36,000 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना है.” उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से प्रयागराज का पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा. योगी आदित्यनाथ ने बताया कि ‘ये दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे होगा.’ अभी अलीगढ़, आगरा, इटावा, कानपुर होते हुए प्रयागराज तक रोड और रेल की कनेक्टविटी बहुत बढ़िया है. लेकिन गंगा के किनारे के शहर आपस में उतने बेहतर ढंग से नहीं जुड़े हैं. करीब 600 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस वे के बनने पर मेरठ से प्रयागराज सीधे जुड़ जाएगा तथा इस एक्सप्रेस वे के बनने से गंगा के किनारे के शहरों का तेजी से विकास होगा

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