गुरु पूर्णिमा पर अपने शिक्षक के पैर छूने वाली मुस्लिम लड़की के पीछे पड़े मजहबी कट्टरपंथी… सहम गयी एक और मासूम

गुरु पूर्णिमा का पर्व वो पावन पर्व है जो गुरु तथा शिष्य के पावन रिश्ते को, आपने ज्ञानदाता गुरु के प्रति शिष्य के समर्पण को रेखांकित करता है. हर व्यक्ति, हर इंसान, हर छात्र गुरु पूर्णिमा जैसे पावन पर्व का बेसब्री के साथ इन्तजार करता है तथा अपने शिक्षक के प्रति, अपने गुरु के प्रति अपना समर्पण अपना सेवाभाव दिखाता है और यही तो किया था उस मुस्लिम छात्रा ने. उस मुस्लिम छात्रा ने गुरु पूर्णिमा पर अपने शिक्षक के चरणस्पर्श क्या कर लिए कि कट्टरपंथियों का मजहब खतरे में आ गया तथा उस मासूम छात्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

मामला दक्षिण भारत के राज्य केरल ले त्रिशूर का है. केरल के त्रिशूर में सीएनएन गर्ल्स हायर सेंकेंडरी स्कूल में शिक्षकों के सम्मान के लिए गुरु पूर्णिमा मनाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें स्कूल के सभी छात्रा तथा शिक्षक सम्मिलित हुए थे. ये कार्यक्रम 27 जुलाई को आयोजित किया गया था. गुरु पूर्णिमा पर सभी छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों का सम्मान कर रहे थे, उनसे आशीष ले रहे थे. इसी कार्यक्रम में मुस्लिम छात्राएं भी शामिल थी तथा उन्होंने भी आपने शिक्षकों के चरणस्पर्श किये. मुस्लिम छात्राओं द्वारा शिक्षकों के पैर छूते हुए फोटो किसी ने सोशल मीडिया पर डाल दिए.  इस तस्वीर में मुस्लिम छात्रा अपने शिक्षकों पर फूल चढ़ा रही हैं और उनके चरण छू रही है.

मुस्लिम छात्रा के इसी फोटो को लेकर कट्टरपंथी लोगों ने मासूम छात्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तथा उसकी आलोचना की है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की यूथ विंग ने स्कूल के इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है. IUML ने इस बाबत राज्य के शिक्षा मंत्री को खत लिखा और जांच की मांग की है. IUML राज्य के महासचिव पी.के फिरोज ने कहा कि मुस्लिम छात्रा द्वारा शिक्षक के पैर छूना हमारे मजहब के खिलाफ है तथा स्कूल में ये कार्यक्रम आयोजित कराके स्कूल ने गलत परंपरा की शुरुआत की है जो स्वीकार नहीं है.

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