‘जब मैं गृहमंत्री बनूंगा तो पुलिस को पहला आदेश दूंगा इन तथाकथित बुद्धिजीवियों को गोली मारने का”– जानिये कौन और किस पार्टी का है ये नेता

ये लोग जो खुद को बुद्धिजीवी कहते हैं, खुद को उदारवादी कहते हैं..ये लोग कोई बुद्धिजीवी या उदारवादी नहीं हैं बल्कि ये लोग देशद्रोही हैं, राष्ट्रद्रोही हैं. अगर आज में गृहमंत्री होता तो इन बुद्धिजीवियों को गोली मरवा देता. और में ये भी कहता हूँ कि अगर में अगर में कभी गृहमंत्री बना तो सबसे पहले इन देशद्रोही बुद्धिजीवियों को गोली मरवाउंगा. ये कोई फ़िल्मी डायलॉग नहीं बल्कि एक राजनेता का बयान है, और वो राजनेता है कर्नाटक के भाजपा विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल. भाजपा विधायक के इस बयान के बाद राजनैतिक घमासान मच गया है.

आपको बता दें कि कर्णाटक के विजयपुर से विधायक बसनागौड़ा पाटिल यतनाल राज्य में भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं. बसनागौड़ा पाटिल यतनाल अटल बिहारी बाजपेयी सरकार में केन्द्रीय मंत्री भी रह चुके हैं तथा उनकी छबी फायरब्रांड हिंदूवादी नेता की है. भाजपा विधायक पाटिल ने एक सनसनीखेज बयान देते हुए कहा है कि अगर वो देश के गृहमंत्री होते तो सभी बुद्धजीवियों को गोली मारने का आदेश दे देते. यही नहीं उन्होंने उदारवादियों’ और बुद्धजीवियों को ‘राष्ट्रद्रोही’ भी करार दिया. गुरूवार को कारगिल विजय दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में पाटिल यतनाल ने कहा कि ये बुद्धिजीवी देश की सारी सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं जिसके लिये हम टैक्स देते हैं. उसके बाद ये सब भारतीय सेना के खिलाफ नारेबाजी करते हैं तथा मानवाधिकार का रोना रोते हैं. उन्होंने कहा कि देश को इस समय इन्हीं बुद्धिजीवियों और धर्मनिरपेक्षों से सबसे ज्यादा खतरा है. भाजपा विधायक ने कहा कि अगर मैं गृहमंत्री बना तो इन सभी को गोली मारने का आदेश दे दूंगा.

भारतीय जनता पार्टी के विधायक के इस बयान पर राजनैतिक बयानबाजी शुरू हो गयी है तथा कांग्रेस व जेडीएस ने भाजपा विधायक की अलोचना की है. बतान दे कि इससे पहले भी पाटिल के एक बयान पर बवाल मचा था जब उन्होंने भाजपा पार्षदों को सिर्फ हिन्दुओं के काम करने को कहा था. पाटिल ने कहा था कि मैं सभी पार्षदों से मिला था. मैंने उनसे कहा है कि वे केवल हिंदुओं के लिए काम करें, जिन्होंने बीजापुर में मेरे पक्ष में वोट डाला, न कि मुसलमानों के लिए. उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने लोगों को निर्देश दिया कि टोपी और बुरका वाला कोई भी व्यक्ति मेरे कार्यालय नहीं आए और मेरे बगल में खड़ा नहीं हो. यतनाल ने कहा, ‘मैंने मुस्लिमों से कभी वोट नहीं मांगा है, क्योंकि मुझे हिन्दुओं पर भरोसा था. हिन्दूओं के वोट के कारण ही मुझे चुनाव में जीत मिली. मेरा सारा काम हिन्दू समुदाय के विकास के लिए होगा, न कि मुसलमानों के लिए.’

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