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धर्मनिरपेक्ष छबि वाले आधुनिक गुरुग्राम वासी पहली बार देख रहे कट्टरपंथ का एसा रूप.. गूंज रहे नारे कि – “लहू बहेगा सड़कों पर”

देश की राजधानी दिल्ली से सटे सायबर सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम की शांत फिजा में कुछ मजहबी उन्मादियों द्वारा जहर घोलने की कोशिश की जा रही है. गुरुग्राम नगर नगर निगम प्रशासन द्वारा अवैध मस्जिद सील किये जाने के बाद गुरुग्राम में मुस्लिम समुदाय के लोग आक्रोशित हैं तथा मस्जिद की सील न खोले जाने पर खून खराबे की धमकी दे रहे हैं वहीं मस्जिद को सील किए जाने को लेकर देवबंदी उलेमा भी मैदान में आ गया है. उलेमा का कहना है कि कुछ फिरकापरस्त ताकतें इस मुल्क के अंदर जहर घोल रही हैं, जो हिंदू-मुस्लिम एकता के मिशन को खत्म करने की नाकाम कोशिश है.

आपको बता दें कि मस्जिद की सीलिंग को लेकर मुस्लिम समाज सड़कों पर आ गया है. मुस्लिम समाज के एक व्यक्ति मुस्लिम मोहम्मद अख्तर ने सील नहीं खोलने पर अपनी गर्दन काटने की चेतावनी दी है. इसके अलावा नारेबाजी करते लोगों ने कहा मस्जिद नहीं खुली तो शहर की सड़कों पर खून बहेगा. मुस्लिम समाज की इस धमकी के बाद पुलिस प्रशासन की नींद उड़ गयी है. मुस्लिम समाज की इस धमकी पर पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन ने कहा पुलिस मुस्तैद है और माहौल को नहीं बिगडऩे दिया जाएगा. वहीं इस मामले में देवबंदी उलेमा के मैदान में आने से मामला और गरमा गया है. दारुल उलूम अशरफिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती अथर कासमी का कहना है कि गुरुग्राम में मस्जिद को सील किया जाना सरकार की नाकामी साबित करता है और इससे यह भी साफ हो जाता है कि सरकार वहां दोगली पॉलिसी अपना रही है.

उन्होंने कहा कि मुल्क में कुछ फिरकापरस्त ताकतें लगातार जहर घोलने का काम कर रही हैं। उनकी कोशिश है कि मुल्क में चलाए जा रहे हिंदू-मुस्लिम एकता के मिशन को हर हाल में खत्म कर दिया जाए. लेकिन उन्हें अपनी कोशिशों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. मुफ्ती अथर ने कहा कि केंद्र हो या फिर राज्य सरकारें सभी साजिश के तहत कभी मदरसों तो कभी मस्जिदों को निशाना बना रही हैं. ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें इसका लाभ मिल सके. लेकिन अब देश की जनता समझ चुकी है कि उन्हें आपस में लड़वाकर राजनीतिक उल्लू सीधा किया जा रहा है.

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