सुदर्शन प्रणाम करता है साहस के रूप उस पिता को जो बेटे को बचाने के लिए लड़ता रहा तेंदुए से

जिन्दगी में कुछ रिश्ते बहुत खास और दिल के करीब होते हैं, उनमें से एक रिश्ता पिता और बेटे का भी होता है। अपने बच्चे के सपनों को पूरा करना हर एक पिता का सपना होता है। और अगर बेटे पर कोई मुसीबत आए तो पिता अपने बेटे को उस मुसीबत से बचाने के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा देते हैं। एक ऐसा ही मामला बहराइच जिले में देखने को मिला हैं। जिसमें पिता अपने बच्चे को बचाने के लिए तेंदुए से भिड़ गया।

आपको बता दे कि बहराइच जिले में एक पिता ने अपने बच्चे की जान बचाने के लिए एक खूंखार तेंदुए से भिड़ गया। करीब 20 मिनट तक तेंदुए से लड़ते रहे पिता की जान ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर बचाई जा सकी। घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
गौरतलब है थाना रामगांव क्षेत्र के रेहवा मंसूर सरयूपुरवा समेत करीब आधा दर्जन गांव तेंदुओं के आंतक से पीड़ित है और वर्ष 2016 में तेंदुए अब तक दर्जन इंसानों और मवेशियों को अपना शिकार बना चुके हैं।

यही नहीं, तेंदुए के हमले में अब तक दो मासूमों की भी जान जा चुकी है, लेकिन वन विभाग तेंदुओं के बढ़ते हमलो से निपटने में अक्षम साबित हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरयू पुरवा निवासी कुनऊ के घर में घुसे तेंदुए ने खूंटे से बंधी बकरी पर हमला कर दिया। बकरी के बगल में सो रहे बच्चे पर हमले की आशंका में बच्चे की मां ने शोर मचा दिया। बच्चे की जान खतरे में देख पिता तेंदुए से भिड़ गया और जब तक होश रहा तब उससे लड़ता रहा और जब शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और तेदुए से उसकी जान बचाई।

ग्रामीणों ने घटना की सूचना डायल 100 और वन विभाग तक पहुंचा दी ।लेकिन रात में कोई भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। सुबह पहुंचे क्षेत्रीय रेंज अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना आला अफसरों को भेजी जा चुकी है और स्वीकृति आने के बाद घायल व्यक्ति को आहेतुक सहायता दी जाएगी।

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