यूपी में तख्ती लेकर घूम रहे हैं अपराधी तो वहीं छतीसगढ़ में भी नक्सलियों ने कहा. हमें माफ़ कर दो हम सुधर गये….

छत्तीसगढ़ का सुकमा क्षेत्र राज्य के ही नहीं बल्कि देश के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक माना जाता है. सुकमा एक ऐसा इलाका इलाका है जहाँ से अक्सर देश के सुरक्षाबलों, छतीसगढ़ पुलिस के जवानों व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबरें आती रहती हैं. सुकमा समेत पूरा छतीसगढ़ राज्य अपराध मुक्त हो, भयमुक्त हो इसके लिए हमारे जवान आये दिन नक्सलियों से लड़ते हुए अपना बलिदान देते रहते हैं. नक्सलियों के साथ जान से खेलने के बाद भी जवान ये प्रयास भी करते रहते हैं कि नक्सली हथियार छोडकर हिंसा का रास्ता छोडकर मुख्य धारा वापस लौट आयें.

खबर मिली है सुकमा में सोमवार को 13 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. इसे सेना व छतीसगढ़ पुलिस के जवानों का खौफ कहें या  फिर शांति प्रयास लेकिन 13 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है जिसमें 1 लाख रूपये का इनामी नक्सली भी शामिल है.पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया 1 लाख रूपये के इनामी नक्सली मुचाकी सोला के पास से 1 नाग भरमार बंदूक तथा दुसरे अन्य नक्सली सोढ़ी हूंगा के पास से सीएनएम् सामग्री बरामद की गयी है. ऐसपी मीणा ने बताया ये सभी नक्सली चिंतागुफा इलाके में पिछले 5 सालों से दहशत का पर्याय बने हुए थे. नक्सलियों के सरेंडर करने पर ऐसपी अभिषेक मीणा ने ख़ुशी जताते हुए कहा कि एक तरफ जहाँ हमारे जवान नक्सलियों से लड़ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जनजागरण के माध्यम से इनको समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास भी कर रहे हैं. हमारे इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि आज इन भटके हुए लोगों ने समाज की मुख्यधारा मैं वापस लौटने का फैसला किया है.

पुलिस अधीक्षक एसपी मीणा के अनुसार आत्मसमपर्ण करने वाले नक्सली मुचाकी सोला, मुचाकी हिडमा, हेमला हिडमा, मुचाकी जोगा, हेमला देवा, मुचाकी मल्ला, हेमला हिढ्मा, हेमला बंडी, हेमला दुला, मुचाकी देवा, सोरी बुथरा, हेमला नंगा तथा होरी सुँगा ने अपने-अपने हथियार पुलिस को सौंपकर आत्मसमर्पण कर दिया. तथा अपने साथ की समस्त गैरकानूनी चीजें पुलिस को सौंप दी. अब पुलिस प्रशासन इनको  जल्द ही सरकारी तरफ से वैधानिक सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी ताकि ये सब सुचारू रूप से अपना जीवन यापन कर सकें.

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