नसीरुद्दीन के बनावटी डर को मेरठ में उन्मादियों का जवाब… जुमे की नमाज से लौटते लोगों का सब इंस्पेक्टर पर हमला

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने हाल ही में कहा था कि उसे हिंदुस्तान में डर लगता है क्योंकि आज के हिंदुस्तान में लोकतंत्र की जगह भीड़तंत्र ने ले ली है. नसीरुद्दीन शाह को इस बात का डर लगने लगा है कि जिस तरह बुलंदशहर में गोकशी के बाद बवाल हुआ, उसी तरह भीड़ उसके बच्चों को घेर सकती है तथा फिर कुछ भी कर सकती है. नसीरुद्दीन शाह के इस बनावटी या कहें तो साजिशन दर्शाए गए डर की हकीकत मेरठ में दिखाई दी है, जहाँ उन्मादियों की भीड़ ने मेरठ पुलिस के दरोगा पर भीषण हमला कर दिया.

मेरठ के कस्बा सिवालखास में जुमे की नमाज से लौट रहे बाइक सवार युवक क्स्हेरू का हेलमेट न लगाने पर पुलिस ने चालान काट दिया. इसके बाद पुलिस ने धार्मिकस्थल के बाहर खड़े ठेली-खोमचे हटवा दिए. पुलिस की इस कार्यवाई से लोगों का गुस्सा भड़क गया लोगों ने दारोगा को घेरते हुए हाथापाई कर दी. सूचना मिलने पर चेयरपर्सन पति अपनी स्कॉर्पियो में दरोगा को बैठाकर किसी तरह उन्मादियों की भीड़ से बचाकर ले गए.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मेरठ के कस्बा सिवालखास में शु्क्रवार दोपहर चौकी प्रभारी धनवीर सिंह बुढ्डापीर नाले के पास वाहने की चेकिंग कर रहे थे. तभी उन्होंने नमाज पढ़कर वापस लौट रहे बाइक सवार शेरू का हेलमेट नहीं पहनने की वजह से चालान कर दिया. इस दौरान दारोगा ने धार्मिक स्थल के बाहर खड़े ठेले-खोमचे भी हटवा दिए और अतिक्रमणकारियों को फटकारना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि नमाज से आ रहे लोगों ने इसका विरोध किया और दारोगा से हाथापाई शुरू कर दी. मामले की सूचना पर चेयरपर्सन पति गुलजार चौहान पहुंच गए तथा किसी तरह वह दरोगा को अपने आवास पर ले आए.

इस दौरान पीछे-पीछे सैकड़ों लोगों की उन्मादी भीड़ पहुंच गई और चेयरपर्सन का आवास घेर लिया. यहां उन्मादी भीड़ ने दरोगा के खिलाफ नारेबजी करते हुए एक बार फिर से दरोगा पर हमला कर दिया, हाथापाई शुरू कर दी. उन्मादी भीड़ का गुस्सा देख चेयरपर्सन पति दरोगा को अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर जैसे-तैसे वहां से निकल गए और थाने तक छुड़वाया.

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