“हिन्दू हृदय सम्राट” कहे जाने वाले योगी के शासन में अतीक अहमद का आतंक. पिट रहा मोहित अग्रवाल.. लगभग वैसे हालात जैसे टांडा के अजीमुल हक ने किये थे रामबाबू गुप्ता के

बहुत पुरानी बात नहीं है ये . बस पिछली सरकार के समय की बात है . उत्तर प्रदेश के टांडा अम्बेडकर नगर में विधायक अजीमुल हक तब रामबाबू गुप्ता के लिए ऐसे ही रूप में सामने आये थे . उनके इशारे पर आख़िरकार उनके आगे न झुकने वाला रामबाबू गुप्ता अंत में बेरहमी से कत्ल हुआ था और शासन ने ख़ामोशी साध ली थी क्योकि उनकी सरकार थी , उनका ही विधायक था . रामबाबू गुप्ता की विधवा पत्नी संजू देवी आज भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं लेकिन उनके लिए अम्बेडकरनगर की पुलिस वैसे ही है जैसे पहले थी . आज भी उन के ऊपर दमन चक्र चल रहा है जबकि वो परिवार सदा से योगी आदित्यनाथ का खुला समर्थक रहा है . ये एक वर्ग द्वारा व्यापारियों के दमन की घटना है जो इतिहास ही नहीं , वर्तमान भी है .

इस वर्तमान में शामिल है अतीक अहमद और निशाने पर है मोहित अग्रवाल . अतीक अहमद वही है जिसके हाथ कईयों के खून से रंगे हैं .यहाँ तक कि राजू पाल के भी जो उस समय वर्तमान विधायक था मायावती की पार्टी से .  देवरिया जेल में बंद पूर्व सांसद अतीक अहमद के इशारे पर उनके गुर्गों ने आलमबाग के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को 26 दिसंबर को उनकी गाड़ी समेत घर से अगवा कर लिया। देवरिया जेल में मोहित को ले जाकर बैरक में पीटा और कनपटी पर पिस्तौल सटाकर उनकी पांच कंपनियों का मालिकाना हक दो युवकों के नाम ट्रांसफर करवा लिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया और गाड़ी भी छीन ली। कारोबारी शुक्रवार रात कृष्णानगर कोतवाली पहुंचा व अतीक अहमद, उनके बेटे उमर समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने दो आरोपितों को गोमतीनगर से गिरफ्तार किया है। उमर व अन्य आरोपित फरार हैं।

आलमबाग के विशेश्वरनगर निवासी रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल से अतीक अहमद के गुर्गे काफी दिनों से रंगदारी वसूल रहे थे। मोहित का आरोप है कि अतीक के गुर्गे फारूक व जकी अहमद ने धमकाकर उनके गोमतीनगर स्थित रियल एस्टेट के कार्यालय पर कब्जा कर लिया था। इन लोगों ने मोहित व उनकी बहन आरती के डिजिटल हस्ताक्षर (डीएससी) भी करवा लिए थे। ये लोग मोहित पर कंपनी के शेयर ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे थे। मोहित का कहना है कि इनकार करने पर अतीक के गुर्गों ने उन्हें 26 दिसंबर को घर के पास से उनकी फॉर्च्यूनर (यूपी32जेआर-1804) समेत अगवा कर लिया। मोहित को देवरिया जेल ले जाया गया। देवरिया जेल में एंट्री की मुहर हाथ पर लगवाकर उन्हें अतीक की बैरक में ले जाया गया। मोहित के मुताबिक वहां अतीक अहमद, उनका बेटा उमर व 10-12 लोग मौजूद थे। मोहित को बैरक में ही डंडों से से पीटा गया। उनके कूल्हे पर गंभीर चोट आई है व दाहिने हाथ की दो उंगलियां टूट गईं। इसके बाद अतीक ने धमकाकर मोहित की कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड, एलएलपी और एमजे इंफ्रा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को अपने गुर्गों फारूख व जकी अहमद के नाम ट्रांसफर करवा लिया। कंपनी के सादे लेटर हेड और कंपनियों से उनके रेजिगेशन लेटर पर भी दस्तखत करवा लिए।

मोहित की बहन आरती के नाम भी कंपनियों का शेयर है, लिहाजा मोहित से ही उनकी बहन के भी फर्जी दस्तखत करवाए गए। दोनों के डिजिटल हस्ताक्षर भी करवाए गए और पांचों कंपनियों के दस्तावेज पर मोहित व आरती की जगह दोनों आरोपितों के नाम दर्ज करवा लिए गए। इसके बाद अतीक के गुर्गे मोहित को जेल से बाहर ले आए और उनकी गाड़ी छीन ली व जान से मारने की धमकी धमकी देकर भगा दिया। पीड़ित ने आपबीती एसएसपी कलानिधि नैथानी को बताई तो उनके निर्देश पर शुक्रवार की रात को कृष्णानगर कोतवाली में अतीक अहमद, उनके बेटे उमर, गुर्गे जकी अहमद, फारूख, गुलाम सरवर व अन्य के खिलाफ अपहरण, लूट, जालसाजी व षडयंत्र रचने का केस दर्ज किया है। कृष्णानगर पुलिस ने सुलतानपुर के खरहा निवासी गुलाम मुइनुद्दीन और प्रतापगढ़ के सराय निवासी इरफान को गिरफ्तार कर उनके पास से मोहित की फॉर्च्यूनर बरामद कर ली है।

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