शिक्षा क्षेत्र में सख्त हुई योगी सरकार. अब अगर स्कूलों में अध्यापक दिखे इस रूप में तो गिरेगी गाज

कभी सरकार का मतलब सिर्फ आईएस और आईपीएस अधिकारियो के तबादले और पुलिस के कर्मचारियों पर गाज गिरना ही हुआ करता था . ये वो मामले हुआ करते थे जो राजनैतिक चटखारे के विषय बना करते थे लेकिन इन सब के साथ समाज एक तमाम अन्य वर्ग अछूते रह जाते थे जिसमे न सिर्फ जवान बल्कि किसानो के साथ एक अन्य महत्वपूर्व वर्ग रह जाया करता था . इसमें सबसे ज्यादा नुक्सान स्कूल में पढ़ते उन नौनिहालों के ऊपर पड़ता था जो इन तमाम मुद्दों से बहुत दूर केवल अपने भविष्य के सपने ले कर बस्ता ले कर पढाई करने जाया करते थे .

ज्ञात हो कि योगी सरकार के नये आदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के प्राइमरी स्कूलों में प्राइमरी छात्रों के शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए मोबाइल फोन बैन कर दिया गया है। इसी मामले में वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि प्राइमरी स्कूलों में शिक्षण अवधि के दौरान अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया गया है। शिक्षण अवधि के दौरान मोबाइल फोन पर अनावश्यक चैटिंग करते हुए पकड़े जाने पर यह कृत्य अनुशासनहीनता माना जाएगा। अब तक जो शिक्षक मोबाइल फोन के माध्यम से वाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल साइटों के माध्मय से टाइमपास किया करते थे। पर नए आदेश के बाद अब शिक्षक ये सब कर नहीं कर पाएंगे।

शिक्षा विभाग के अधिकारी कभी भी औचक निरीक्षण कर उनके कारनामे को पकड़ सकते हैं। पकड़ जाने पर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस मामले पर जानकारी देते हुए जिसके बाद संबंधिक शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अगर शिक्षक चाहें तो शिक्षण अवधि के दौरान इसका प्रयोग टीचिंग के लिए कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ भी किया तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बीएसए के इस निर्णय से प्राथमिक शिक्षकों में खलबली मची हुई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षण अवधि में शिक्षक वाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल साइटों पर व्यस्त रहते हैं। इससे विद्यार्थियों के सीखने व अध्यापन अवधि में व्यवधान उत्पन्न होता है। इसलिए जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को शिक्षकों के शिक्षण अवधि के दौरान मोबाइल का प्रयोग न किए जाने का आदेश जारी करते हुए बीएसए ने इसका कड़ाई से अऩुपालन कराने का निर्देश दिया है। वहीं इस आदेश के बाद शिक्षण कार्य में रुचि लेने वाले शिक्षकों में हर्ष का माहौल है।

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