वर्दी की लाज बचाने वाले पुलिस अधिकारी “माधव” को सैल्यूट कर रहा है राष्ट्र.. नपुंसक कहे जाने पर जिसने सत्ता पक्ष के नेता की जुबान काट लेने की बात कही

हमारे देश में राष्ट्र सेवक पुलिस के जवानों को गाली देना एक ट्रेंड बन गया है. पुलिस के जवान लाख अच्छे काम करें लेकिन कुछ लोग जो वास्तव में गलत होते हैं, पुलिस के जवानों को निशाना बनाने का मौक़ा नहीं छोड़ते. अफ़सोस हमारे यहां की व्यवस्था ही ऐसी बन गई है कि सब कुछ जानने के बाद भी पुलिस के जवान अपने खिलाफ होते हुए साजिश, षड्यंत्रों को देखते रह जाते हैं. लेकिन जब धैर्य जवाब दे जाता है तथा एक सीमा रेखा लांघी जाती है तो वही होता है जो पुलिस निरीक्षक माधव ने किया. जब एक राज्य में सत्तासीन पार्टी के सांसद ने पुलिस को नपुंसक कहा तो निरीक्षक माधव का धैर्य जवाब दे गया तथा उन्होंने सांसद को चेतावनी दे डाली कि अगर दोबारा पुलिस के खिलाफ एक शब्द भी बोला गया तो वह सांसद की जुबान काट लेंगे. पुलिस की वर्दी को गाली देने वाले सांसद को ललकारने वाले पुलिस निरीक्षक माधव की जांबाजी को पूरा देश सैल्यूट कर रहा है.

खबर के मुताबिक़, आंध्र प्रदेश में एक पुलिस निरीक्षक ने सत्तारूढ़ तेदेपा के एक सांसद पर निशाना साधते हुए धमकी दी कि अगर निर्वाचित प्रतिनिधि पुलिस बल का मनोबल गिराने की बात करेंगे तो उनकी जुबान काट दी जाएगी. सांसद ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिसकर्मी के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई. आंध्रा प्रदेश के अनंतपुरम जिले में कदिरी के निरीक्षक माधव ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में चेतावनी देते हुए कहा, ”हमने अभी तक संयम बरता है. भविष्य में अगर कोई हद से बाहर जाकर पुलिस के खिलाफ बात करता है तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.  हम उनकी जुबान काट लेंगे. सावधान रहो.” माधव ने कहा कि हम वर्दी कि कद्र करते हैं और अगर कोई वर्दी को गाली देगा तो वह चुप नहीं बैठेंगे क्योंकि वर्दी हमारी आन बान और शान है.

पुलिस निरीक्षक की चेतावनी पर तेदेपा सांसद जे.सी. दिवाकर रेड्डी ने निरीक्षक को चुनौती देते हुए कहा कि वह अपनी जुबान कटवाने के लिए कहां आएं. ताडिपत्री उपमंडल पुलिस अधिकारी विजय कुमार के अनुसार, बाद में सांसद ने निरीक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की पहल की, लेकिन अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है. बता दें कि इस सप्ताह ताडिपत्री के पास एक गांव में हुई झड़प की पृष्ठभूमि में ये बयान सामने आए हैं. रेड्डी ने पुलिस पर घटनास्थल से ‘नपुंसकों’ की तरह भाग जाने तथा स्थिति को नियंत्रण में न ला पाने का आरोप लगाया था जिस पर पुलिस निरीक्षक माधव ने कहा की निर्वाचित प्रतिनिधि अपने बचाव में पुलिस को नपुंसक कह रहे हैं जो अस्वीकार्य है.

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *