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क्या बौद्धों के नरसंहार की साजिश भारत में भी ?.. खुफिया एजेंसियों ने लद्दाख में घुसपैठ कर रहे रोहिंग्या का अलर्ट जारी किया.. वो लद्दाख जो है बौद्ध बहुल, पहले भी बोधगया में हो चुका है ब्लास्ट

रोहिंग्या आतंकियों ने जिस तरह से म्यांमार में बौद्धों का कत्लेआम किया क्या वही स्थिति भारत में भी दोहराने की कोशिश की जा रही है? क्या रोहिंग्या आक्रान्ताओं का अगला निशान भारत के बौद्ध हैं तथा हिंदुस्तान के बौद्धों का नरसंहार करने की कोई नापाक साजिश रची जा रही है? देश की खुफिया एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट से तो ऐसे सवाल तथा आशंकाएं जन्म ले रही हैं. आपको बता दें कि देश की खुफिया एजेंसियों ने एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी है जिसमें कहा गया है कि रोहिंग्या घुसपैठिये अब लद्दाख को ठिकाना बना रहे हैं.
खुफिया एजेंसियों द्वारा गृह मंत्रालय सौंपी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि रोहिंग्या अब लद्दाख की ओर कूच कर रहे हैं. अब तक करीब 55 रोहिंग्या लद्दाख पहुंच चुके हैं. खुफिया एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुटी हैं कि ये रोहिंग्या कैसे लद्दाख पहुंचने में कामयाब रहे. गृह मंत्रालय सूत्रों ने जानकारी दी है की इन रोहिंग्या को लद्दाख में बसाने के लिए कुछ स्थानीय लोग सपोर्ट देने में जुटे हुए हैं. सवाल ये उठता है कि आखिर रोहिंग्या लद्दाख क्यों जा रहे हैं तथा वो कौन लोग हैं रोहिंग्याओं को लद्दाख में जगह दे रहे हैं? क्या रोहिंग्या आक्रान्ताओं को लद्दाख में बसाने के पीछे कोई नापाक साजिश है?
ज्ञात हो कि लद्दाख बौद्ध बहुल क्षेत्र है. जम्मू-कश्मीर राज्य के कश्मीर घाटी में जहाँ मुस्लिम आबादी ज्यादा है तो वहीं जम्मू में हिन्दू बहुतायत हैं. इसके अलावा राज्य का तीसरा संभाग लद्दाख है जो बौद्ध बहुल है. चूँकि लद्दाख में बौद्ध आबादी ज्यादा है और रोहिंग्या लद्दाख में जगह तलाश रहे है तो सवाल उठता है कि कहीं ये साजिश के तहत तो नहीं किया जा रहा है. सवाल ये है कि म्यांमार में जिस तरह बौद्धों ने रोहिंग्या उन्मादियों को जवाब दिया तो कहीं उसी का बदला भारत के बौद्धों से लेने के लिए तो रोहिंग्या लद्दाख नहीं जा रहे? ये आशंका इसलिए भी प्रबल होती है क्योंकि बिहार के बोधगया मंदिर ब्लास्ट में भी रोहिंग्या कनेक्शन सामने आया था. जांच में सामने आया था कि बोधगया ब्लास्ट इसलिए किया गया ताकि रोहिंग्याओं को लेकर भारत सरकार को सन्देश दिया जा सके.
इससे पहले रोहिंग्या मामले को लेकर के आजतक ने यह जानकारी दी थी कि ट्रेनों के जरिए पूर्वोत्तर राज्यों से किस तरीके से रोहिंग्या केरल तक पहुंच रहे हैं. इस खबर के आने के बाद गृह मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट करते हुए कहा था कि रोहिंग्या जो अलग-अलग राज्यों में रह रहे हैं उनके मूवमेंट पर नजर रखी जाए. तब आजतक ने बताया था कि रोहिंग्या 14 ट्रेनों के जरिए पूर्वोत्तर राज्यों से किस तरीके से केरल पहुंच रहे हैं. रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने रोहिंग्या के देश के दूसरे राज्यों में आने-जाने पर नजर रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को कहा था. इससे पहले कई रोहिंग्याओं के परिवार समेत केरल पहुंचने की खबर आई थी.
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