क्यों और किस ने उड़ाया राफेल की फ़ाइल वाली खबर ? किस को है राफेल से खतरा और क्यों उसका इतना विरोध ?

भारत के पूरे इतिहास में शायद ही कभी इतनी जायदा चर्चा में कोई डील रही हो.. ये वो डील है जिसके चलते २ देशो के बीच में दरार जैसी नौबत आई गयी थी . भारत को वायुसेना में अच्छे विमानों की जरूरत तब महसूस हुई थी जब भारत का जांबाज़ विंग कमांडर अभिनंदन बेहद पुराने हो चुके मिग विमान को ले कर पाकिस्तना में लैंड हो गया था ..लेकिन उसके बाद भी अभी ये विरोध थमा नहीं और राफेल बना हुआ है राजनीति के अखाड़े का मुख्य दांव .

ज्ञात हो कि अभी हाल में ही एक खबर आई थी कि राफेल की फाइलें गायब हुई हैं . इस खबर ने एक बार फिर से उस विमान को ले कर हलचल मचाई थी जो वर्तमान समय में भारत की वायुसेना के लिए बेहद जरूरी बताया जा रहा है . इसी मामले में अब भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रफ़ाल सौदे से जुड़ी फ़ाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी नहीं हुई हैं.अपने सोशल मीडिया हैंडल से दो ट्वीट कर उन्होंने लिखा है, “अटॉर्नी जनरल केके वेनुगोपाल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया है कि रफ़ाल सौदे से जुड़े दस्तावेज़ चोरी नहीं हुए हैं. उन्होंने जो कुछ कोर्ट में कहा उसका मतलब था कि पिटीशनर ने अपनी अर्ज़ी में असल दस्तावेज़ की फ़ोटोकॉपी इस्तेमाल की थी जिन्हें सरकार ख़ुफ़िया दस्तावेज़ मानती है.”

इसके अलावा अमित शाह ने भी इस मामले में खुल कर बयान दिया और कहा कि ‘आज यह स्पष्ट हो गया है कि दस्तावेज गायब हुए ही नहीं थे . कल उन्होंने (राहुल गांधी) कहा था कि रक्षा मंत्रालय से राफेल के दस्तावेज गायब हो गए हैं पर आज ही यह स्पष्ट हो गया है कि दस्तावेज गायब हुए ही नहीं थे. राहुल गांधी का एक और झूठ जनता के सामने है.’अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि झूठ और राहुल गांधी एक दूसरे के पर्याय हैं.

लेकिन राजनीति यहीं खत्म नहीं हुई . कांग्रेस ने अब भी अपने रुख में जरा सा भी बदलाव नही किया है . रणदीप सुरजेवाला ने एक और ट्वीट कर लिखा है, ”एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने की कला. कल सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राफ़ेल से जुड़ी फ़ाइल चोरी हो गई. आज कहा कि उसकी फोटोकॉपी चोरी हो गई. मोदी जी, कल कौन सा झूठ बोलेंगे? अब नामुमकिन झूठ भी मुमकिन है!” यद्दपि इस राजनैतिक घमासान का नतीजा कुछ भी हो पर इसने दुश्मनों के एक मसाला जैसा दे दिया है .

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