जन्मदिवस विशेषांक – फांसी के 90 साल बाद क्रांतिवीर रोशन सिंह को याद करने व सम्मान देने वाली एकलौती राजनीतिक हस्ती हैं योगी आदित्यनाथ

जिस प्रकार से भारत के सच्चे वीर बलिदानियों को सिर्फ अपनी जयकार करवाने के लिए साजिशन भुलाया गया था उस साजिश को तोड़ते हुए नरेंद्र मोदी ने चन्द्रशेखर आज़ाद के सम्मान से शुरुआत की थी..लेकिन इसके बाद भी तमाम ऐसे शूरवीर रह गए थे जो उचित सम्मान पाने से वंचित थे..उन्ही में से एक योद्धा थे क्रांतिवीर रोशन सिंह..काकोरी कांड के ये शूरवीर अंग्रेजो द्वारा दिये गए हर लालच को ठुकराते हुए चढ़ गए थे फांसी जिनका आज जन्मदिवस है ..आज के दिन उस राजनेता का नाम लेना भी बहुत जरूरी है जिन्होंने इनकी बदहाल जन्मस्थली को नया स्वरूप दिया था और सन्तोष प्रदान किया था उन लाखों बलिदानियों को जो इस देश के लिए अपना सर्वस्व लुटा कर सदा सदा के लिए अमरता को प्राप्त हो गए थे..इसलिए आज उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम स्वतः ही प्रासंगिक है ..

काकोरी कांड के अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह के पैतृक गांव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  डिग्री कालेज, नदी पर पुल सहित 249 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया. इसके साथ साथ जिन लोंगो ने गांव में डिग्री कालेज के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराई उनको सम्मानित किया. साथ ही उज्वला योजना, आयुष्मान योजना, एक जनपद एक प्रोडक्ट योजना के लाभार्थियों को भी संम्मानित किया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाहजहांपुर जिले के गांव नवादा दरोबस्त में आने वालेे एकमात्र राजनीतिक हस्ती हैं जो अमर बलिदानी का जन्मस्थली है..

आयोजन के दौरान एक पुस्तिका का विमोचन हुआ. इसमें बताया गया कि योगी की सरकार ने पूरे जनपद में कितना काम किया है. फिर जब वे बोले तो लगा जैसे कुछ कुरेद रहे हों. उन्हाेंने कहा, ‘आज़ादी के बाद जो शहीदों के लिए होना चाहिए था वह नहीं हो पाया. लेकिन अब हम कोशिश कर रहे हैं. हम गोरखपुर जेल में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल (जहां उन्हें फ़ांसी हुई थी) का स्मारक भी बनवा रहे हैं.’ उन्होंने घोषणा की कि नवादा दरोबस्त गांव में अमर शहीद रोशन सिंह का मंदिर भी बनवाया जाएगा। बता दें कि नवादा दरोबस्त गांव को सांसद कृष्णाराज ने गोद ले रखा है।

 

 

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