स्वामी रामदेव जी के बयान से आंदोलित हुआ हिन्दू समाज.. भगवान श्रीराम के मंदिर के लिए संत समाज लामबंद

अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जारी रस्साकसी के बीच प्रख्यात योगगुरु स्वामी रामदेव जी ने बड़ा बयान दिया है. स्वामी रामदेव ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए हिंदू समाज को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. राम वोट बैंक नहीं है न ही किसी राजनैतिक दल का प्रोपेगेंडा और चुनावी एजेंडा है बल्कि राम हमारा अस्मिता और संस्कार है हमारे पूर्वज हैं. स्वामी रामदेव जी ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे को टाइटल सूट बनाने के बजाए विकास की अन्य परियोजनाओं के तरह विवादित भूमि को सरकार को अधिग्रहण करके समाज को सौंप देनी चाहिए. समाज मंदिर अपने आप बना देगा.

स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में राम मंदिर निर्माण और चरित्र निर्माण महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. राम मंदिर के मामले को न तो मजहबी मुद्दा समझना चाहिए और न तो राजनैतिक दृष्टि से देखना चाहिए क्योंकि राम हमारी अस्मिता है. उन्होंने कहा कि सरकार को राम मंदिर के मुद्दे पर बड़ी पहल करनी चाहिए. उन्हें लगता है कि अगर संसद में राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार अध्यादेश लाती है तो कोई भी राजनैतिक दल इसका विरोध करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा. ज्यादा से ज्यादा इतना हो सकता है कि जब अध्यादेश लाया जाए तो कुछ पार्टियां संसद का बहिष्कार कर दें, लेकिन विरोध नहीं कर सकेंगी.
स्वामी रामदेव जी ने कहा कि देश में जिस तरह के हालात बनते जा रहे हैं. सब कुछ राजनीति को ही समझ लेना उचित नहीं है. राजनीति राष्ट्र का एक हिस्सा मात्र है. राजनीति राष्ट्र नहीं है. हम सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रभक्ति, कार्यप्रणाली और नियत पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता. उन्होंने दावा किया कि 2050 तक भारत को योग, स्वास्थ्य, कृषि तथा शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया की बड़ी महाशक्ति बनाएंगे. उन्होंने कहा कि देश में इस समय मैकाले की शिक्षा पद्धति को निजात दिलाने के लिए वैदिक और सनातनी शिक्षा को स्थापित करने के लिए पतंजलि बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से उनकी बात हुई है तथा जल्दी ही देश में शिक्षा का अपना बोर्ड स्थापित होगा.
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