असम के वित्तमंत्री का बयान- “अगर नागरिकता संशोधन बिल न आया तो जिन्ना के रास्ते होंगे 17 जिले”

नागरिकता संशोधन विधेयक पर मचे राजनैतिक घमासान के बीच असम के वित्त मंत्री और पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य रणनीतिकार हेमंत बिस्वा शर्मा ने एक बड़ा बयान दिया है. हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि अगर राज्य में नागरिकता विधेयक, 2016 पारित नहीं किया जाता है, तो असम ‘जिन्ना’ के रास्ते चला जाएगा. हेमंत बिस्वा ने कहा कि असम में NRC को इसलिए लागू किया जा रहा है ताकि जिन्ना जैसी सोच रखने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सके.

हेमंत ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि कहा कि लोग परेशान हैं कि हम किसी (बाहरी व्यक्ति) को लाने की कोशिश कर रहे हैं, ये गलत है. इस विधेयक के पास नहीं होने की स्थिति में हम खुद को जिन्ना के बताए रास्तों के लिए आत्मसमर्पण कर रहे हैं. यह जिन्ना की विरासत और भारत की विरासत के बीच की लड़ाई है. बता दें कि सरकार को नागरिकता विधेयक, 2016 को लेकर भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. विधेयक में अनिवार्य रूप से तीन पड़ोसी देशों, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों (या गैर-मुस्लिम) को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है.

हेमंत शर्मा ने कहा कि असम समझौते का उल्लंघन होता है तो होने दें, लेकिन हम जिन्ना के रास्ते पर नहीं जाएंगे. आपको असम समझौते और जिन्ना के बीच किसी एक को चुनना है. तुम किस रास्ते पर जाओगे? जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका मतलब ‘जिन्ना’ से मुसलमान है, तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा कि मैंने ‘जिन्ना’ कहा था और किसी भी समुदाय का नाम नहीं लिया था. उन्होंने आगे कहा, ‘यह विधेयक हमें मजबूत करेगा, लेकिन इसके बारे में गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं। अगर यहां, हम लोग सारभोग सीट (जहां बंगाली हिंदुओं की संख्या ज्यादा है) को हार जाएंगे तो हम कई सीटों को खो देंगे. अवैध प्रवासियों का पता लगाया जाएगा और उनका निर्वासन किया जाएगा, लेकिन जिन्ना की कीमत पर नहीं.

हेमंत शर्मा ने कहा कि अगर ये बिल नहीं लाया गया, तो असम के करीब 17 जिले ‘जिन्ना के रास्ते’ पर निकल पड़ेंगे. हेमंत बिस्वा ने कहा कि असम में NRC को इसलिए लागू किया जा रहा है ताकि जिन्ना जैसी सोच रखने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सके. उन्होंने कहा कि अब ये लड़ाई जिन्ना बनाम इंडिया की बन गई है. बीजेपी नेता ने कहा कि अगर हम असम अकॉर्ड का क्लॉज़ 6 लागू नहीं करते हैं तो बदरुद्दीन अजमल असम के मुख्यमंत्री बन जाएंगे और सिटिजनशिप बिल नहीं आता है तो 17 जिले जिन्ना के रास्ते पर होंगे. उन्होंने कहा कि वह किसी भी हालात में असम में वो स्थिति पैदा नहीं होने देंगे जो जो 1947 में हुई थी तथा देश का विभाजन हुआ था. उन्होंने कहा कि ये बिल असम को टूटने से बचाएगा और अगर ये बिल पास नहीं हुआ तो १७ जिले जिन्ना के रास्ते अलग हो जायंगे.

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