अखरोट के बहाने कुछ और बेच रही थी जमीला… व्यापार की आड़ में अपराध

कहने को तो जमीला तथा उसका पति अखरोट का व्यापार करता था लेकिन अखरोट के व्यापार की आड़ में ये लोग हिन्दुस्तान के युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहे थे. मामला पंजाब के लुधियाना का है जहाँ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की विशेष टीम ने 51 करोड़ की हेरोइन समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया. जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ रोड़ पर स्थित अंतर्गत इलाका शेरपुर चौक में पुलिस द्वारा सूचना के उपरांत नाकाबंदी की हुई थी. इस दौरान जब एसटीएफ टीम ने शक के आधार पर पति-पत्नी को काबू किया है. आरोपियों को 26 नवंबर एसटीएफ युनिट ने शेरपुर चौक से पास से विशेष नाकाबंदी के दौरान काबू किया. आरोपी एक स्विफट कार में सवार थे जो अखरोट के व्यापार की आड़ में हेरोइन की तस्करी करते थे.

एआईजी एसटीएफ स्नेहदीप शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने हेरोइन अखरोटों वाले बैग में छिपाकर रखी थी. जिसे ये स्विफट गाड़ी में छिपाकर लुधियाना में ला रहे थे. उनकी कार के अगले शीशे पर वीआईपी पार्किंग लिखा था. आरोपियों की पहचान जम्मू के गांव जलालाबाद के मोहम्मद अरबी व उसकी पत्नी जमीला बेगम के रूप में हुई है. आरोपियों पर थाना मोती नगर में केस दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि आरोपी सीमा पार से इस हेरोइन को तस्करी करके लेकर आए थे और उसे लुधियाना में सप्लाई करना था. अरबी पर पहले भी जम्मू-कश्मीर में एनडीपीएस एक्ट के दो केस दर्ज हैं. ये इससे पहले भी पंजाब में तस्करी कर चुके हैं. बहरहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे इस हेरोइन की कहां से लेकर आए थे और कहां देनी थी.

एसटीएफ प्रभारी इंसपेक्टर हरबंस सिंह को इस संबंधी सूचना मिली थी. पुलिस ने मुखबिर की ओर से बताई जगह पर रेड की तो वहां से महिला और पुरुष को काबू किया गया. इनके पास से बैग में से सवा दस किलो हेरोइन और दस किलो अखरोट बरामद हुए हैं. इनकी शिनाख्त मुहंमद अरबी और जमीला बेगम निवासी गांव जलालाबाद के तौर पर हुई है. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इनके संबध आतंकियों से तो नहीं है.

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