इंदौर के मोहम्मद सादिक के पास आ चुका था एक साथ 50 लाख लोगों को मारने में सक्षम केमिकल हथियार. राष्ट्र धन्यवाद कर रहा DRI को जिसने बचा लिया उस सम्भावित प्रलय को

देश के लिए इस से बड़ी और घातक खबर शायद ही पहले कभी आई रही हो . जहाँ एक तरफ कुछ बुद्धिजीवी और स्वघोषित सेकुलर मीडिया चैनल पुलिस को बदनाम करने के लिए लगातार ब्रेकिंग चलाए जा रहे हैं तो वहीँ दूसरी तरफ मोहम्मद सादिक देश के खिलाफ ऐसी साजिश रच चुका था जो एक साथ सुला सकती थी 50 लाख लोगों को मौत की नींद . इस खबर को प्रमुखता न मिले इसके चलते ही लगातार लखनऊ का वो मुद्दा चलाया जा रहा.. कुल मिला कर कहा जा सकता है कि देश एक बार फिर से भोपाल गैस काण्ड जैसी वीभ्त्स्म घटना से बच गया जब डीआरआई ने मोहम्मद सादिक को इंदौर में दस किलो फेंटानाईल हाईड्रोक्लोराईड के साथ गिरफ्तार किया।
ध्यान देने योग्य है कि डीआरआई का पूरा नाम है डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस। ये रसायन इतना घातक होता है कि मात्र दस किलो फेंटानाईल ड्रग से लगभग पचास लाख लोगों को एक साथ ही मौत की नींद सुलाया जा सकता है . एक स्वस्थ व्यक्ति को मौत की नींद सुलाने के लिए इस घातक रसायन की मात्र 2 मिलीग्राम मात्रा ही बहुत मानी जाती है .  सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट से यह ज्ञात हुआ कि अमेरिका में इस प्रकार के ड्रग से 2016 में एक ही वर्ष में बीस हजार लोग मारे जा चुके हैं।
अगर बात सरकारी रेट की हो तो मात्र 10 किलो फेंटानाईल हाइड्रोक्लोराईड का अन्तराष्ट्रीय बाजार का मूल्य है 110 करोड़ रुपए। ओपियम के कैरेक्टर का एक रसायन है जो मॉर्फिन से सौ गुना अधिक शक्तिशाली है और हेरोइन से पचास गुणा अधिक प्रभावी है। एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को मार देने के लिए 2 मिलीग्राम फेंटानाईल ही बहुत है। दस किलोग्राम की मात्रा का उपयोग करके लगभग पचास लाख लोगों की हत्या की जा सकती है। यदि यह ड्रग पकड़ा नहीं जाता और आतंकवादियों के हाथ लग जाता है तो कितना खतरनाक हो सकता था यह अनुमान लगाया जा सकता है।
ज्ञात हो कि मुहम्मद सादिक रसायनशास्त्र में पीएचडी है। और रासायनिक अभिक्रियाओं के संदर्भ में सुप्रशिक्षित है। सादिक इस ड्रग का निर्माण अर्थात संश्लेषण इंदौर में कर रहा था। यह भी ज्ञात हुआ है कि सादिक फेंटानाईल की सप्लाय मेक्सिको रूट से अमेरिका में करता था। यह मनोरंजन के लिए नशा करने वाले लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है। एक एमजी से कम की मात्रा में ही प्रति व्यक्ति उपयोग किया जाता है इसका नशे के लिए। 1 एमजी से अधिक का उपयोग खतरनाक सिद्ध होता है। ओवरडोज जानलेवा भी हो जाता है। इस ड्रग के दुरुपयोग से 2016 में अमेरिका में बीस हजार लोगों की मृत्यु एक ही वर्ष में हो चुकी है। इससे इसके खतरनाक होने के स्तर का अनुमान लगाया जा सकता है।
चूंकि इंदौर सिम्मी और इंडियन मुजाहिद्दीन की गतिबिधियों का केंद्र रहा है इसिलिये इस ड्रग का दुरुपयोग भारतीय ड्रग यूजर्स के खिलाफ भी किया जा रहा होगा इसकी भरपूर संभावना है। और इसकी तह तक पहुंचने के लिए आवश्यक है कि ड्रग अब्यूजर यदि किसी कारण बस अस्पतालों में भर्ती होता है या फिर मृत्यु को प्राप्त होता है तो उसके शरीर में फेंटानाईल की मात्रा की भी जांच हो। तभी हम इस ड्रग रैकेट के स्थानीय नेटवर्क को खंगाल पाएँगे। अन्यथा इस ड्रग के माध्यम से व्यापक तबाही मचाया जा सकती है।  डीआरआई ने कई स्थानों पर छापामारी किया है जिसमें वह फैक्टरी भी सम्मिलित है जहाँ मोहम्मद सादिक फेंटानाईल हाइड्रोक्लोराईड बनाता था। डीआरआई ने इस गैंग की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखा हुआ था। इनके सप्लाय रूट पर भी नजर रखा जा रहा था। लंबे समय की छानबीन से ही सादिक की गिरफ्तारी संभव हुई। सादिक से पूछताछ में पूरे नेटवर्क का पता चल पाएगा यह उम्मीद की जा रही है।
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