वर्दी का भी तय हो गया मजहब.. मोदी पर लगा बड़े अधिकारी का बड़ा आरोप जबकि छोटे पुलिसकर्मियों की इतने में ही चली जाती है नौकरी

शायद ही इस से पहले किसी को वर्दी का भी धर्म या मजहब पता रहा हो लेकिन उसको अखिलेश यादव के करीबी रहे IPS जावेद अहमद ने बता ही दिया . जहाँ पर मोदी सरकार में कश्मीर से पहली बार इतने IAS अधिकारी सफल हो कर आये हैं वहीँ अब उन्ही के ऊपर लगाया है ऐसा आरोप जो कम से कम उनकी छवि के खिलाफ ही माना जा सकता है . इस मुद्दे पर कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा कर के जावेद अहमद ने अपनी मानसिकता का परिचय दिया है .

ध्यान देने योग्य है कि निचले स्तर के पुलिसकर्मी छोटी छोटी बातों पर सस्पेंड कर दिए जाते हैं या उनको नौकरी से निकाल दिया जाता है . यहाँ तक कि फेसबुक पर लाइक या कमेन्ट भी करने से , लेकिन जावेद अहमद ने सीधे सीधे भारत की सरकार के एक संवैधानिक कदम पर सवाल उठाया है और उनका बाल भी बांका नहीं हुआ . आज कई प्रदेशो में एक के बाद एक हो रही निचले स्तर के पुलिस वालों की आत्महत्या इसी एकतरफा दृष्टिकोण का दुष्परिणाम है .

शनिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के नये निदेशक के नाम की घोषणा हुई। मध्यप्रदेश के पूर्व डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई का नया निदेशक नियुक्त किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की तीन सदस्यीय समिति ने 2-1 की बहुमत से यह फैसला लिया। मल्लिकार्जुन खड़गे शुक्ला को निदेशक बनाने के खिलाफ थे। नये सीबीआई निदेशक के नाम की घोषणा होते ही देश में जाति धर्म की राजनीति शुरू हो गई है। एक तरफ कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष शुक्ला की काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है, तो दूसरी तरफ तथाकथित बुध्दिजीवी वर्ग ने उन पर ब्राह्मण और हिंदू होने का ठप्पा लगा दिया।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने भी मुस्लिम कार्ड खेल दिया है। बता दें कि सीबीआई निदेशक बनने की दौड़ में जो नाम शामिल थे, उनमे यूपी के पूर्व डीजीपी का नाम भी शामिल था। शनिवार को नाम की घोषणा होने के बाद जैसे ही यह खबर मीडिया में आई, जावीद अहमद ने शुक्ला की नियुक्ति को लेकर मजहब कार्ड खेल दिया। यह बात एक व्हाट्सएप चैट में पता चली। दरअसल, आईपीएस ऑफिसर नाम से उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है। जब शुक्ला की नियुक्ति की खबर व्हाट्सएप ग्रुप में किसी ने शेयर की, तो जावीद अहमद ने लिखा, “अल्लाह की मर्जी। बुरा लगता है, पर ‘एम’ होना गुनाह है।

 

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