संसार के सबसे क्रूरतम हत्यारों व जल्लाद शासकों में से एक था औरंगजेब.. फिर भी भारत के इतिहास में उसको किया गया महिमामण्डित ..पढ़िए उसका साँपो से भी जहरीला जीवन

अबुल मुज़फ़्फ़र मुहिउद्दीन मुहम्मद औरंगज़ेब  (3 नवम्बर १६१८ – ३ मार्च १७०७) जिसे आमतौर पर औरंगज़ेब या आलमगीर (प्रजा द्वारा दिया हुआ शाही नाम जिसका अर्थ होता है विश्व विजेता) के नाम से जाना जाता था भारत पर राज्य करने वाला छठा मुग़ल शासक था। उसका शासन १६५८ से लेकर १७०७ में उसकी मृत्यु होने तक चला। 
अज्ञानता और लंपटता के साथ कट्टरता को पसंद करने वालों ने अक्सर दुर्दान्त क्रूर हत्यारे औरंगजेब को आलमगीर जैसे शब्दों से महज हिन्दुओ के विरोध के चलते नवाजा है . यद्द्पि वो क्रूर हत्यारा शिवाजी महाराज से कभी जीत नही सका था और दक्षिण की जीत की चाह में उस से उत्तर भी चला गया और उसकी मौत उसके हसीन सपनों के साथ दक्षिण में ही हो गयी ..छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगज़ेब की मध्य भारत से पकड़ ढीली कर दी जिसके कारण उनके कई किले और इलाकें उनके हाथ से निकल गए। यह सब घंटनाएँ ३०० वर्ष से भी पहले हुई और इनके कारण लोग अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।
यह संघर्ष इस्लामिक साम्राज्यवाद की उस मानसिकता का वह पहलु हैं जिसके कारण भारत देश में पैदा होने वाला मुसलमान जिसके पूर्वज हिन्दू थे जिन्हे कभी बलात इस्लाम में दीक्षित किया गया था, आज भारतीय होने से अधिक इस्लामिक सोच, इस्लामिक पहनावे, इस्लामिक खान-पान, अरब की भूमि से न केवल अधिक प्रभावित हैं अपितु उसे आदर्श भी मानता हैं। सत्य इतिहास के गर्भ में हैं की औरंगज़ेब कितना इस्लाम की शिक्षाओं के निकट था ..असल मे सच्चाई ये है कि औरंगजेब एक क्रूर मानसिकता का आतंकी था जिसके मन मे हिन्दू समाज के लिए अथाह नफरत भरी थी ..जानिए उसके कुछ ऐसे कुकर्म जो गवाह हैं उसकी नीचता के ..पढ़िए औरंगजेब द्वारा हिन्दू मंदिरों को तोड़ने के लिए जारी किये गए जिहादी व आतंकी फरमानों का कच्चाचिट्ठा
१. १३ अक्तूबर,१६६६- औरंगजेब ने मथुरा के केशव राय मंदिर से नक्काशीदार जालियों को जोकि उसके बड़े भाई दारा शिको द्वारा भेंट की गयी थी को तोड़ने का हुक्म यह कहते हुए दिया की किसी भी मुसलमान के लिए एक मंदिर की तरफ देखने तक की मनाही हैंऔर दारा शिको ने जो किया वह एक मुसलमान के लिए नाजायज हैं। 
२. ३,१२ सितम्बर १६६७- औरंगजेब के आदेश पर दिल्ली के प्रसिद्द कालकाजी मंदिर को तोड़ दिया गया। 
३. ९ अप्रैल १६६९ को मिर्जा राजा जय सिंह अम्बेर की मौत के बाद औरंगजेब के हुक्म से उसके पूरे राज्य में जितने भी हिन्दू मंदिर थे उनको तोड़ने का हुक्म दे दिया गया और किसी भी प्रकार की हिन्दू पूजा पर पाबन्दी लगा दी गयी जिसके बाद केशव देव राय के मंदिर को तोड़ दिया गया और उसके स्थान पर मस्जिद बना दी गयी। मंदिर की मूर्तियों को तोड़ कर आगरा लेकर जाया गया और उन्हें मस्जिद की सीढियों में दफ़न करदिया गया और मथुरा का नाम बदल कर इस्लामाबाद कर दिया गया। इसके बाद औरंगजेब ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का भी विध्वंश कर दिया। 
४. ५ दिसम्बर १६७१ औरंगजेब के शरीया को लागु करने के फरमान से गोवर्धन स्थित श्री नाथ जी की मूर्ति को पंडित लोग मेवाड़ राजस्थान के सिहाद गाँव ले गए जहाँ के राणा जी ने उन्हें आश्वासन दिया की औरंगजेब की इस मूर्ति तक पहुँचने से पहले एक लाख वीर राजपूत योद्धाओं को मरना पड़ेगा। 
५. २५ मई १६७९ को जोधपुर से लूटकर लाई गयी मूर्तियों के बारे में औरंगजेब ने हुकुम दिया की सोने-चाँदी-हीरे से सज्जित मूर्तियों को जिलालखाना में सुसज्जित कर दिया जाये और बाकि मूर्तियों को जमा मस्जिद की सीढियों में गाड़ दिया जाये। 
६ . २३ दिसम्बर १६७९ औरंगजेब के हुक्म से उदयपुर के महाराणा झील के किनारे बनाये गए मंदिरों को तोड़ा गया। महाराणा के महल के सामने बने जगन्नाथ के मंदिर को मुट्ठी भर वीर राजपूत सिपाहियों ने अपनी बहादुरी से बचा लिया। 
७ . २२ फरवरी १६८० को औरंगजेब ने चित्तोड़ पर आक्रमण कर महाराणा कुम्भा द्वाराबनाएँ गए ६३ मंदिरों को तोड़ डाला। 
८. १ जून १६८१ औरंगजेब ने प्रसिद्द पूरी का जगन्नाथ मंदिर को तोड़ने का हुकुम दिया। 
९. १३ अक्टूबर १६८१ को बुरहानपुर में स्थित मंदिर को मस्जिद बनाने का हुकुमऔरंगजेब द्वारा दिया गया। 
१०. १३ सितम्बर १६८२ को मथुरा के नन्द माधव मंदिर को तोड़ने का हुकुम औरंगजेब द्वारा दिया गया। इस प्रकार अनेक फरमान औरंगजेब द्वारा हिन्दू मंदिरों को तोड़ने के लिए जारी किये गए।
11- २ अप्रैल १६७९ को औरंगजेब द्वारा हिन्दुओं पर जजिया कर लगाया गया जिसका हिन्दुओं ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्वक विरोध किया परन्तु उसे बेरहमी से कुचल दिया गया।
12- आदेश था कि अगर हिन्दू उसके द्वारा निर्धारित कर नहीं दे सकता तो वह इस्लाम कबूल कर ले ..इसके साथ-साथ मुसलमानों को करों में छूट दे दी गयी..
13-  १६ अप्रैल १६६७ को औरंगजेब ने दिवाली के अवसर पर आतिशबाजी चलाने से और त्यौहार बनाने से मना कर दिया गया। इसके बाद सभी सरकारी नौकरियों से हिन्दू कर्मचारियों को निकाल कर उनके स्थान पर मुस्लिम कर्मचारियों की भरती का फरमान भी जारी कर दिया गया।
14- हिन्दुओं को शीतला माता, पीर प्रभु आदि के मेलों में इकठ्ठा न होने का हुकुम दिया गया। हिन्दुओं को पालकी, हाथी, घोड़े की सवारी की मनाई कर दी गयी।
15- कोई हिन्दू अगर इस्लाम ग्रहण करता तो उसे कानूनगो बनाया जाता और हिन्दू पुरुष को इस्लाम ग्रहण करनेपर ४ रुपये और हिन्दू स्त्री को २ रुपये मुसलमान बनने के लिए दिए जाते थे।
ऐसे न जाने कितने अत्याचार औरंगजेब ने हिन्दू जनता पर किये और आज उसी द्वारा जबरन मुस्लिम बनाये गए लोगों के वंशज उसका गुणगान करते नहीं थकते हैं।यदि पूरा विस्तृत वर्णन किया जाय तो तब का औरंगजेब आज के अबू अल बकर बगदादी, ओसामा बिन लादेन, अजमल कसाब , अल जवाहिरी, सैयद सलाउद्दीन, हाफ़िज़ सईद आदि को मिला कर भी सबकी नीचता और क्रूरता पर भारी पड़ेगा ..
झोलाछाप इतिहासकारों ने औरंगजेब की शान में कसीदे पढ़े हैं लेकिन इन तथ्यों को वो कभी नकार नही सकते ..असल मे जिहादी मानसिकता वालों और उन झोलाछाप इतिहासकार में एक कॉमन बात है कि दोनों ही हिंदुओं के प्रति अथाह नफरत करते हैं और वही सोच उन्हें औरंगजेब जैसे क्रूरतम को महिमामण्डित करने पर मजबूर करती है …
Share This Post

Leave a Reply