मां गंगा के लिए 4 माह से अनशनरत सन्त गोपालदास के गायब होने की खबर.. पहले भी इसी मुद्दे पर अनशनरत प्रोफेसर जी डी अग्रवाल का हो चुका है देहांत

मां गंगा स्वच्छ रहें, निर्मल रहें औऱ निर्बाध रहें.  इसकी मांग को ले कर पहले भी केंद्र सरकार सनातनी परम्परा के मानने वालों के निशाने पर रही है जिस पर अब और भी बड़े सवाल तब खड़े हो गए हैं जब मां गंगा के लिए अनशनरत प्रसिद्ध गौ भक्त सन्त गोपालदास के अचानक ही गायब होने की खबरें आने लगी.. हैरान कर देने वाली इस खबर ने जहां गंगा भक्तों को विचलित किया तो वहीं राजनीतिक दलों ने भी इस मामले में केंद्र सरकार को अपने निशाने पर ले डाला है .. ये मुद्दा इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है क्योंकि अभी कुछ समय पहले ही प्रख्यात पर्यावरणविद प्रोफेसर अग्रवाल ने भी मां गंगा के लिए केंद्र सरकार से लगातार 112 दिन याचना रूपी अनशन करते हुए प्राण त्याग दिए थे ..

आम आदमी पार्टी द्वारा एक चिट्ठी भी दिखाई जा रही है जिसमें सन्त गोपालदास ये लिखते दिख रहे हैं कि केंद्र सरकार उनके अनशन से परेशान है और उन्हें दिल्ली से हटाना चाह रही है .. अरविंद केजरीवाल ने तो इस घटना को सीधे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जोड़ते हुए उनकी जानकारी में हुआ ये सब घटनाक्रम बता रहे हैं .. ऋषिकेश से दिल्ली एम्स में भर्ती कराए गए गोपालदास से जब उनके पिता शमशेर मिलने पहुंचे तो वह बुधवार सुबह वॉर्ड में नजर नहीं आए. जिसके बाद पिता ने पुलिस को संत गोपालदास की गुमशुदगी की सूचना दी. बाद में संत गोपालदास को एक बार देहरादून  के एक अस्पताल में भेजने की बात कही गई और दूसरी बार भोपाल एम्स में भेजे जाने की.

उनसे मिलने पहुंचे पिता शमशेर को जब गोपालदास के लापता होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने एम्स प्रबंधन से सवाल पूछे, लेकिन अधिकारियों से लेकर डॉक्टरों तक ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस मुद्दे को लेकर देर रात तक हंगामा होता रहा, इसके बाद पुलिस को पिता शमशेर ने लिखित शिकायत दी। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है, जहां तक संत गोपालदास का सवाल है तो पुलिस को उन्हें भोपाल एम्स रेफर करने की जानकारी है। इस पूरे मामले में फिलहाल अभी ऊहापोह के हालात हैंं और किसी  स्पष्टता की प्रतीक्षा हो रही है .

 

Share This Post

Leave a Reply