गौ मांस के शौकीन कश्मीर के उस विधायक को भी NIA का नोटिस … सन्देश साफ – कोई नहीं बचेगा

मोदी सरकार के आते ही अलगाववादियों के ऊपर खतरों के बादल मडराने शुरू हो गए हैं। मोदी सरकार के सत्ता में आते ही भष्ट्राचारियो और अलगाववादियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। पीएम मोदी जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं यह बात अब तक सिद्ध हो चुकी है। आये दिन अलगाववादी नेताओं के हिरासत में लिए जाने की खबरे सामने आ रही है. जिससे अलगाववादियों को अपना अस्तित्व खत्म होता नजर आ रहा है। एनआईए की नज़र अलगाववादियों नेताओं पर हमेशा बनी रहती है जिसके चलते एक एक करके अलगाववादी नेताओ का खात्मा हो रहा है।

हाल ही में एनआईए ने अलगाववादी नेता गिलानी को हिरासत में लिया है। ऐसे ही एक और अलगाववादी नेता पर एनआईए ने शिकंजा कसा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी( एनआईए ) ने जम्मू कश्मीर के निर्दलीय विधायक शेख अब्दुल राशिद को घाटी में आतंकवादी गतिविधियों के वित्त पोषण से संबंधित मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है। कहा जा रहा है कि कारोबारी जहूर वटाली से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया था।एनआईए ने वटाली को घाटी में आतंकवादी गुटों और अलगाववादियों को कथित तौर पर धन मुहैया कराने के मामले में गिरफ्तार किया था। कहा रहा है कि इस मामले में विधायक राशिद ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है और उन्होंने इस मामले की जानकारी एवं जाँच की जम्मू एंड कश्मीर के विधायक से अपील की है।

जांच के दौरान एजेंसी द्वारा कहा जा रहा है कि “यह मामला अलगाववादी एवं आतंकवादी गतिविधियों के वित्त विभिन तरीको से धन एकत्र करने में,धार्मिक स्थलों में तथा घाटी के नुक्सान पहुंचने एवं स्कूलो को जलाने, सुरक्षा बलों पर पथराव करने तथा देश के खिलाफ युद्ध छेडऩे के संबंध में दर्ज किया गया है। जाँच के दौरान कई मामले एजेंसी द्वारा समने आने पर यह कहा जा रहा है कि आतंकी गुट जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद का नाम आरोपी के तौर पर है।

बहरहाल ,मोदी सरकार किसी भी देश विरोधी ताकतों को पनपने नहीं देना चाहती।शाषित सरकार को पता है कि देश विरोधी ताकतों को कहा से बल मिलता है। 

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