नमाज पढ़ने का बहाना लेकर कभी फरार हुआ था बांग्लादेशी अहमद.. फिर वो बन गया रोहिंग्या.. किसी को पता भी न चलता अगर सतर्क न होती ग्वालियर पुलिस

पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ बांग्लादेशी घुसपैठिया अहमद आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया. उसके पुलिस को छकाने की काफी कोशिश की, रोहिंग्या भी बन गया लेकिन ग्वालियर पुलिस की सतर्कता से कब तक बचता, आज अहमद एक बार फिर से सलाखों के पीछे हैं. फरार बांग्लादेशी घुसपैठिया अहमद बख्श सिद्दीकी उर्फ अहमद अल मक्की को ग्वालियर पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है. अहमद 12 जून की रात को नमाज से लौटते वक्त पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. जिसके बाद से ही पुलिस बल लगातार अहमद की खोज में व्यस्त थी. दरअसल, अहमद जेल में बने दोस्त की सहायता से पुलिस की निगरानी से फरार हो गया था. अहमद के साथ ही पुलिस ने अहमद के मददगार दोस्त इदरीस को भी पकड़ लिया है. दरअसल, घुसपैठिया अहमद एक महिला के संपर्क में था. पुलिस इसी लिंक का पीछा करते हुए अहमद तक पहुंच पाई.

आपको बता दें कि बांग्लादेशी घुसपैठिया अहमद को ग्वालियर पुलिस ने  2014 में बजरिया स्टेशन से पकड़ा था. अहमद के ISI से संबध पाए गए थे लेकिन वह नमाज के बहाने फरार हो गया था. अहमद के फरार होने पर उस पर ईनाम भी घोषित किया गया था. दरअसल, अहमद हैदराबाद पहुंचकर रोहिंग्या शरणार्थी बनने के लिए कागजात तैयार करवा रहा था. जिसके बाद वह देश छोड़कर भागने की तैयारी में था, लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. वहीं कोर्ट ने जिला पुलिस को अलमक्की को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस को अहमद अल मक्की के हैदराबाद में पहुंचने का सुराग पांच दिन पूर्व मिला था. जिसके बाद पड़ाव थाना प्रभारी और क्राइम ब्रांच की टीम को हैदराबाद रवाना किया गया था. यह टीम तीन दिन से वहां मौजूद थी. ग्वालियर पुलिस और हैदराबाद पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया.

पुलिस ने अल मक्की के फरार होने के बाद उसकी मोबाइल कॉल डीटेल और फेसबुक फ्रेंड की सूची की जांच की. इस जांच में अधिकांश समय गुना की लोकेशन पर रहने वाला इदरीस पुलिस को संदिग्ध लगा. सुराग लगने के बाद पुलिस ने जेल के अंदर पड़ताल की तो पता चला कि गुना का रहने वाला इदरीस से जेल में भी अच्छा खासा याराना था. इसके बाद पुलिस ने इस लिंक पर घेरा कसा.

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