वसुंधरा के राज में पाकिस्तानी हिन्दू तरस रहा नागरिकता के लिए जबकि रोहिंग्या के लिए म्यंमार में बनाये जा रहे मकान

बात अगर म्यांमार से भगाये रोहंगिया मुस्लिम आतंकियों की हो तो बहुत से लोग इन्हे भारत में बसाना चाहते है। लेकिन सालो से पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओ के साथ जो बर्बरता की जा रही है उस ओर दुनिया में किसी का ध्यान नहीं है। वैसे तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी भारत के प्रधानमंत्री से मुस्लिमो के ध्यान रखने की बात करते है। क्या कोई पाकिस्तान से भारत आये हिन्दुओ की सुध लेगा अगर दुनिया का हर मुस्लिम भाई है तो क्या हिन्दू आपस में भाई नहीं क्या रोहंगिया के लिए रोने वाले विपक्ष के लोग अपनी सहानुभूति दिखाएंगे अगर नहीं तो क्यों ?

इस बीच राजस्थान सरकार ने जोधपुर उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि पाकिस्तान से आए हिंदुओं के लम्बे समय तक रहने हेतु दीर्घावधि वीजा के दस हजार से अधिक आवेदन लटके पड़े है। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मामले में हो रही कोताही एवं मामलों के निस्तारण पर गंभीर निर्णय लिया है।

न्यायालय ने दीर्घावधि वीजा के आवेदनों में खामियों को आदेश के दिन से दो हफ्तों के भीतर दूर करने और 19 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अदालत में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।

इससे पहले कोर्ट ने पाकिस्तान से विस्थापित हिंदुओं की नागरिकता से संबंधित लंबित मामलों पर 14 दिसंबर को एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था. साथ ही अदालत ने फारेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन आॉफिस ( एफआरआरओ ) को संबंधित वेब पोर्टल पर अधिसचूना अपलोड करने का निर्देश दिया.

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