कत्ल का कारोबारी मोईन अभी और भोगेगा अपने कुकर्मों का दंड. न्यायिक हिरासत बढाई गई

कुछ असामाजिक तत्व जो कि हमेशा जिन चीजों पर बैन लगा हो या वो काम जो की क़ानूनी तौर पर गलत है उन्हें अंजाम देने के लिए हर सम्भव प्रयास करते है। अपनी फितरत कैसे बदल सकते है ऐसे लोग जिनका मजहब ही उनको ये सब सिखाता हो? क्यों बार बार ऐसे लोग कानून को अपने हाथ में लेते हिचकते नहीं है? यही लोग है जो दुसरो को उनके मजहब का वास्ता देकर उनसे ऐसे गैरकानूनी काम कराते है।

जी हां यहा हम बात कर रहे धनशोधन के मामले में गिरफ्तार हुए मांस निर्यातक मोइन कुरैशी की जिसकी हिरासत अब बढ़ा दी गयी है। बता दें कि कुरैशी पर ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 2016 में विदेशी मुद्रा के अवैध लेनदेन और कर चोरी के लिए कुरैशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कुरैशी की ईडी हिरासत सोमवार को आठ सितंबर तक के लिए बढ़ा दी है।
बता दें कि कुरैशी के खिलाफ हवाला के जरिये दुबई, लंदन और यूरोप के कुछ स्थानों पर पैसे भेजने के आरोपों की जांच हो रही है। न्यायाधीश अरुण भारद्वाज जो कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कुरैशी से आगे की पूछताछ की अनुमति दे दी है। इससे पहले कुरैशी को अदालत के समक्ष उसकी चार दिन की हिरासत के खत्म होने के बाद पेश किया गया था।
एन.के. मट्टा लोक अभियोजक ने कुरैशी की हिरासत की मांग करते हुए अदालत से कहा कि संपत्ति के सौदे व दूसरी आय के स्रोतों की जांच में उसका दो सरकारी कर्मचारियों से सामना कराया जाना है। इतना ही नहीं मट्टा ने कहा कि ईडी को कुरैशी का सरकारी अधिकारियों के साथ ही भ्रष्टाचार के धन के हस्तांतरण में शामिल अन्य सहयोगियों से सामना कराना है।
कुरैशी के बचाव में उसके वकील आर.के. हांडू ने ईडी की याचिका का विरोध करते हुए ने कहा कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी अवैध थी। इस पर ईडी ने अदालत से कहा कि’ विदेशों से भेजे गए धन के पूरे तंत्र व उसके स्रोतों की जांच व सत्यापन के लिए आरोपी की जरूरत है। कुरैशी को शनिवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
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