पहाड़ों में बन रही एक ऐसी सड़क जिस पर बादल फटने से भी नहीं पड़ेगा असर… बनवाने वाले हैं नितिन गडकरी

अपने वादों को शत प्रतिशत पूरा करने के लिए विख्यात और मोदी सरकार के सबसे कार्यक्षम मंत्रियों में से एक गिने जाने वाले श्री नितिन गडकरी जी का एक नया कार्य न सिर्फ पूरे भारत को गौरवान्वित कर देगा बल्कि अन्य देशों को अचंभित भी कर डालेगा.. जहां भारत की रेलवे एक के बाद एक कीर्तिमान बना रही है तो वहीं सड़क व परिवहन विभाग ने मील के वो पत्थर गाड़े हैं जो बनेंगे मोदी सरकार के दावों पर अमल के सबसे बड़े प्रमाण..

मोदी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि वह उत्तराखंड के पहाड़ों में ऐसी सड़क बनाने वाले हैं, जिस पर बदल फटने का भी कोई असर नहीं पड़ेगा. नितिन गडकरी ने कहा कि ये सड़क चारधाम परियोजना के अंतर्गत बनाई जा रही है. इसके साथ नितिन गडकरी ने दावा किया कि पूरे साल उत्तराखंड के चार धामों की यात्रा को संभव बनाने वाली चारधाम परियोजना 2020 तक पूरी हो जाने की उम्मीद है.

गुरूवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केन्द्रीन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि चारधाम परियोजना के तहत बन रहा 889 किलोमीटर लंबा मार्ग ऐसा होगा कि बादल फटने और बाढ़ आने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी कोई हताहत नहीं होगा और यहां यातायात प्रभावित नहीं होगा. पूरे साल लोग बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सड़क मार्ग से जा सकते हैं. गडकरी ने बीजेपी के रमेश पोखरियाल निशंक के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि चारधाम परियोजना में पारिस्थितिकी और पर्यावरण की पूरी चिंता की गई है.

नितिन गडकरी ने कहा कि इसके संबंध में अदालतों में कुछ वाद दायर होने की वजह से परियोजना में देरी भले हुई है लेकिन इसके 2020 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है. इसके साथ ही गडकरी ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि देश में 83 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबे सड़क नेटवर्क को जोड़ने वाली सागरमाला परियोजना 2022 से पहले पूरी हो जाने की उम्मीद है और इसके पूरा होने के बाद देश में सड़क नेटवर्क की तस्वीर बदल जाएगी. सदन में प्रश्नकाल के दौरान सड़क परिवहन मंत्री गडकरी भारतमाला परियोजना, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और चारधाम परियोजना से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे.

नितिन गडकरी ने अपने उत्तर के दौरान एक जगह कहा, ‘‘मेरी यह विशेषता है और मैं इसके लिए खुद को भाग्यवान समझता हूं कि हर पार्टी के सांसद कहते हैं कि उनके क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है.’’ जल संसाधन और गंगा संरक्षण मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे गडकरी ने उत्तराखंड के चार धामों को जोड़ने वाली परियोजना से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए गंगा का जिक्र किया और कहा कि प्रयाग में पहली बार गंगा इतनी निर्मल और अविरल है. उन्होंने लोकसभाध्यक्ष से कहा, ‘‘अध्यक्ष महोदया आप एक बार जाकर देखिए कि गंगा के लिए भी कितना काम हुआ है.’’ इस पर अध्यक्ष महाजन ने कहा कि काम हुआ है और ‘हमारा आशीर्वाद आपके साथ है.’’

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