जहाज बनाने वाली कंपनी के कर्मचारियों से मिले राहुल गांधी तो आया ये बड़ा बयान.. क्या जरूरी है हर कहीं राजनीति?

राफेल डील पर मचा राजनैतिक घमासान थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं तथा अनेकानेक आरोप लगा रहे हैं. हालांकि वह अभी तक अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार ये कहते रहे हैं कि इस सौदे से अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस लिमिटेड को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहे है. कांग्रेस इस बारे में भी जवाब मांग रही है कि सरकारी कंपनी एचएएल को इस सौदे में शामिल क्यों नहीं किया गया, जैसा कि संप्रग सरकार के दौरान सौदे को अंतिम रूप दिए जाने के दौरान था.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के पूर्व एवं वर्तमान कर्मचारियों से संपर्क करने के मामले में सरकारी क्षेत्र की एयरोस्पेस कंपनी ने शनिवार को अपने कर्मचारियों के ‘राजनीतिकरण’ पर खेद जताया है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संस्थान के लिहाज से अहितकर बताया है. एचएएल का यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया है जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि आधुनिक भारत के संस्थानों पर हमले हो रहे हैं और उन्हें तबाह किया जा रहा है. HAL के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि राजग सरकार ने उसके प्रमुख स्थान को मान्यता देते हुए 2014 से 2018 की अवधि के दौरान करीब 27,340 करोड़ रुपये के आपूर्ति ऑर्डर देकर एचएएल को पूर्ण सहयोग दिया है.

अधिकारी ने कहा कि उत्पादन सुविधाएं बढ़ाने सहित अवसंरचना में सुधार एवं उन्नयन के लिए इस अवधि के दौरान 7,800 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण किया गया. अधिकारी ने कहा कि रक्षा एवं एयरोस्पेस उद्योग क्षेत्र में एचएएल को गौरव से देखा जाता है और उसने राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में अत्याधिक योगदान दिया है. एचएएल के अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को दिए बयान में कहा, ‘कर्मचारियों के राजनीतिकरण का आज का प्रयास अफसोसजनक कदम है और यह संस्थान, उसके कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के हित के लिए नुकसानदेह होगा.’

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