समलैंगिगता के मुद्दे पर भारत के सेनापति का बयान सुन पूरा देश बोल पड़ा- ‘जय हिन्द की सेना”

सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिक संबधों की मंजूरी दिए जाने के बाद हिंदुस्तान के सेनापति अर्थात भारतीय सेना के प्रमुख जनरल विपिन रावत जी ने ऐसा बयान दिया है, जिसे सुन पूरा देश एक सुर में भारतीय सेना जिंदाबाद बोल रहा है, भारतीय सेनापति जनरल विपिन रावत तथा संपूर्ण सेना को सैल्यूट कर रहा है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा कि भारतीय सेना में समलैंगिक यौन संबंधों और व्यभिचार की अनुमति नहीं दी जाएगी.

समलैंगिकता से जुड़े प्रश्न पर जवाब देते हुए जनरल रावत ने कहा, ‘सेना में, यह स्वीकार्य नहीं है.’ सेना प्रमुख ने कहा कि उनका बल कानून से ऊपर नहीं है लेकिन सेना में समलैंगिक यौन संबंध और व्यभिचार को अनुमति देना संभव नहीं होगा. उन्होंने व्यभिचार पर कहा, ‘सेना रूढिवादी है. सेना एक परिवार है. हम इसे सेना में होने नहीं दे सकते. उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिकों और अधिकारियों को उनके परिवार के बारे में चितिंत नहीं होने दिया जा सकता. सेना के जवानों का आचरण सेना अधिनियम से संचालित होता है.

जनरल रावत ने कहा, ‘सेना में हमें कभी नहीं लगा कि यह हो सकता है. जो कुछ भी लगता था उसे सेना अधिनियम में डाला गया. जब सेना अधिनियम बना तो इसके बारे में सुना भी नहीं था. हमने कभी नहीं सोचा था कि यह होने वाला है. हम इसे कभी अनुमति नहीं देते. इसलिए इसे सेना अधिनियम में नहीं डाला गया. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जो कहा जा रहा है या जिस बारे में बात हो रही है उसे भारतीय सेना में होने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हालांकि जनरल रावत ने साथ ही कहा कि सेना कानून से ऊपर नहीं है और उच्चतम न्यायालय देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है लेकिन व साफ़ कर देना चाहते हैं कि सेना में गे सेक्स कभी नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं लेकिन भारतीय सेना के अपने नियम है, उस आधार पर सेना में इस व्यभिचार की अनुमति कभी नहीं दी जायेगी.

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