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आगरा के शिक्षण संस्थानों में फ़ैल रहा मजहबी चरमपंथ ? सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर कश्मीरी छात्र

JNU तथा AMU के बाद नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी से आतंकियों का कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसिया चौकन्नी हो गई हैं. इसी बीच खुफिया एजेंसियों के हवाले से खबर मिली है कि यमुनानगरी आगरा के शिक्षण संस्थानों में भी मजहबी चरमपंथ का उन्मादी संक्रमण फ़ैल रहा है. आगरा के निजी और सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों की गतिविधियों पर अब नजर रखी जा रही है, खासकर उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है. कॉलेजों से उनके छुट्टी पर जाने और वापस आने के बारे में भी ब्योरा तलब किया गया है.

खुफिया एजेंसियों ये भी मालूम कर रही हैं कि किस किस मदरसे में कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं.  इनके नाम-पते मालूम कर जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास भेजे जाएंगे तथा वहां से इन्हें तसदीक कराया जाएगा। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि आगरा जोन में खास अलर्ट है. इसका कारण यह है कि यहां पूर्व में सिमी का नेटवर्क रहा है. कश्मीर में आतंकी अब्दुल मन्नान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद एएमयू में शोकसभा की गई थी. इस पर भी खुफिया एजेंसियों काफी सतर्कता बरत रही हैं. जानकारी के मुताबिक़, कोई और छात्र न भटक जाए, इस कारण से यह चौकसी बरती जा रही है. इसमें खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां दोनों लगी हैं.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक़, कश्मीरी छात्रों के मोबाइल नंबर ले लिए गए हैं. कुछ को एहतियातन सर्विलांस पर भी रखा गया है. आगरा में भी कई संस्थानों में कश्मीरी छात्र शिक्षा लेते रहे हैं. उन लोगों पर भी नजर रखी रही है जो कश्मीर से शॉल और ड्राई फ्रूट्स बेचने आते है. इन लोगों के लिए इनके पास पहचान पत्र रखना अनिवार्य कर दिया गया है. इनके नाम-पते नोट कर तस्दीक कराए जाएंगे। हर महीने होने वाली सुरक्षा संबंधी मीटिंग में डीएम और एसएसपी भी इन मसलों पर समीक्षा करेंगे। फ़िलहाल इसे लेकर आगरा जॉन के सभी स्कूल सुरक्षा  तथा खुफिया एजेंसियों की रडार पर है.

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