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“अयोध्या में श्रीराम मंदिर बना तो हम सोने की ईंट देंगे”… बाबर के वंशज के एलान से भौचक्के हुए श्रीराम विरोधी

एकतरफ जहाँ अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला आने से रोकने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, दलीलें दी जा रही हैं लेकिन जिस बाबर के नाम पर मंदिर तोड़कर बाबरी बनाई गयी थी, उस बाबर के वंशज ने श्रीराम मंदिर निर्माण पर बड़ा बयान दिया है. बाबर के वंशज स याकूब हबीबुद्दीन तुस्सी ने एलान किया है कि अगर अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण हुआ तो वह मंदिर निर्माण के लिए सोने की ईंट देंगे. अयोध्या के मंदिर-मस्जिद मामले में बाबर के वंशज प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन तुस्सी ने गुरुवार को परमहंसी गंगा आश्रम जाकर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से मुलाकात की. प्रिंस याकूब ने कहा कि विवादित जमीन के मसले पर कहा कि टाइटल सूट के मुताबिक यदि जमीन बाबर की निकली तो हम रामलला का मंदिर बनाने के लिए देने को तैयार है और जब मंदिर का निर्माण शुरू होगा तो उसमें अपनी तरफ से सोने की एक ईंट भी देंगे.

जगद्गुरु शंकराचार्य ने भी याकबू से हुई चर्चा के बाद कहा कि अब परस्पर विरोध और जो दावे हो रहे हैं वह अब समाप्त हो जाना चाहिए. हैदराबाद से जबलपुर होते हुए कार द्वारा परमहंसी गंगा आश्रम पहुंचे याकूब व उनके साथ कुछ संतों ने मणिद्वीप आश्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से करीब एक घंटे मुलाकात की. दोनों के बीच अयोध्या के विवादित जमीन मसले पर विस्तार से बातचीत हुई. याकूब ने कहा कि वह लंबे समय से शंकराचार्य से मिलना चाह रहे थे और आज सौभाग्य रहा कि हमारी मुलाकात हुई.

याकूब ने कहा कि प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया को भी हमने पत्र दिया है. अभा हिंदू महासभा, संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणी महाराज को भी पत्र दिया है. हम चाहते हैं इस देश में मंदिर-मस्जिद को लेकर जो झगड़ा है वह समाप्त हो जाए. याकूब ने कहा कि शाही मुगल बाबर व बहादुरशाह जफर की छठवीं पीढ़ी का वंशज होने के नाते हम बाबर के सेनापति मीरबांकी द्वारा 1528 ईस्वी में अयोध्या में हुई निंदनीय घटना पर विश्व के हिंदू समाज से क्षमा चाहता हूं तथा अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का समर्थन करता हूँ.

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