3 हमले, 7 दिन, 7 क़त्ल.. निशाने पर हिन्दू संत.. दुर्दांत आतंकियों को भी पछाड़ रहे गौहत्यारे

मॉब लिंचिंग का सहारा लेकर जिस तरह से तमाम राजनैतिक दलों तथा तथाकथित बुद्धिजीवियों ने जिस तरह से गौहत्यारों का समर्थन किया तथा उल्टे गौरक्षक तथा हिन्दू समाज को ही कटघरे में खड़ा किया गया तब इसका ये भीषणतम दुष्परिणाम तो आना ही था. गौहत्यारों को पता चल गया कि आज देश के तमाम राजनेता, बुद्धिजीवी व मानवाधिकार उनके समर्थन में है तो उनका हौसला बढ़ता चला गया तथा भी अटक जिन गौहत्यारों के निशाने पर हिन्दुओं की पावन पूज्य गौमाता होती थी, जो अभी तक गौमाता का क़त्ल करते थे, उन्होंने अब अपना निशाना उनको बनाना शुरू कर दिया जो गौसेवक हैं. गौह्त्या के साथ गौहत्य्राओं ने हिन्दू संतों की ह्त्या भी शुरू कर दी तथा अप्रत्यक्ष एलान कर दिया हिन्दू समाज के खिलाफ जंग का.

आपको बता दें कि गौहत्यारों द्वारा पिछले 7 दिनों के अंदर 7 क़त्ल किये जा चुके हैं तथा ये जो क़त्ल किये गये हैं वो सभी हिन्दू संत हैं, मंदिर के महंत हैं. हिन्दू संतों के क़त्ल की शुरुआत होती है उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से जहाँ 12 अगस्त को एक शिवमंदिर के पुजारी और महंत की सोते वक़्त पीट-पीटकर हत्या कर दी जाती है. आश्चर्य की बाते ये है कि मॉब लिंचिंग को लेकर महीनों हो हल्ला मचाने वाले नेता या टीवी चैनल इस घटना पर मौन साध लेते हैं. सरेआम मंदिर में घुसकर दो साधुओं की ह्त्या कर दी जाती है लेकिन इसको लेकर कोई डिबेट नहीं होती है और कोई मार्च नहीं निकलता है. अगर कोई गौतस्कर मारा जाता है तो देश असहिष्णु होता है लेकिन जब साधुओं का क़त्ल होता है तो धर्मनिरपेक्षता मुस्कुराने लगती है.

गौहत्यारों का आतंक यहीं पर नहीं रुकता बल्कि इसके बाद बुधवार को उत्तर प्रदेश के ही औरैया के एक मंदिर में तीन साधुओं का क्रूरतम तालिबानी अंदाज में क़त्ल कर दिया. यहाँ सबसे बड़ी बात थी वो ये थी कि ये साधू गौह्त्या के खिलाफ सघन अभियान चलाये हुए थे तथा इनके कारण गौहत्यारे आपने नापाक मंसूबों को अंजाम तक नहीं पहुंचा पा रहे थे और फिर बुधवार को औरैया के बिधूना के भयानक नाथ मंदिर में सो रहे तीनों साधुओं की ह्त्या कर दी गयी तथा उनका अंग भंग किया गया. इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार भी किया है तथा जब साधुओं के हत्यारों के नाम सामने आये तो जैसे राजनैतिक गलियारों में सन्नाटा पसर गया. औरैया के साधुओं की ह्त्या के जुर्म में पुलिस ने सलमान, नदीम, शहबाज, मजनू उर्फ नाजिम और गब्बर को गिरफ्तार किया है.

देश के तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग तथा तथा तमाम राजनेताओं का अप्रत्यक्ष समर्थन पा चुके गौहत्यारे यहीं रुकने वाले नहीं थे. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ तथा औरैया के बाद उब्न्मादियों ने अगला निशाना बनाया हरियाणा के करनाल को. पहले अलीगढ़ के मंदिर में 2 साधुओं की ह्त्या की गयी फिर औरैया के मंदिर में तीन साधुओं की ह्त्या की गयी तो रविवार 19 अगस्त को करनाल के एक मंदिर में दो साधुओं की बिल्कुल उसी अंदाज में ह्त्या कर दी जाती है जिस तरह से औरैया में की गयी थी. करनाल में औरैया की तरह की साधुओं की ह्त्या की गयी उनकी जीभ काट दी गयी. इसके अलावा मंदिर के तीन सेवादारों को भी निशाना बनाया गया, उन्हें बांधकर पीटा गया तथा बेहोशी की हालात में छोडकर उन्मादी भाग गये. जिस तरह से पिछले 7 दिनों के अंदर 7 साधुओं की ह्त्या की गयी है वो कहीं न कहीं इस बात का साफ़ संकेत हैं जिहादियों ने हिन्दू संतों के खिलाफ, हिन्दू समाज सुधारकों के खिलाफ जंग का एलान है तथा अभी तक गोमांस के भूखे रहे गौहत्यारे अव हिन्दू संतों के खून के प्यासे बन रहे हैं.

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