गौहत्यारों पर कार्यवाई क्या कर दी, अपनों के ही निशाने पर आ गये कमलनाथ

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार के गोहत्यारों के खिलाफ रासुका लगाई तो एक बार को ऐसा लगा कि संभवतः अब कांग्रेस को भी गौमाता की महत्ता समझ आ गई है. कमलनाथ के इस फैसले की पूरे देश ने दिल खोलकर तारीफ़ की. गौहत्यारों के खिलाफ रासुका लगाने पर देश का हिन्दू समाज तो कमलनाथ की तारीफ़ कर रहा है लेकिन खुद कांग्रेस पार्टी के नेता कमलनाथ सरकार के इस फैसले के खिलाफ खड़े हो गये हैं.

बता दें कि मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गोहत्या (गौहत्या) के आरोप में तीन लोगों और आगर मालवा में गौ वंश की अवैध तस्करी के आरोप में दो लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत की गई कार्रवाई पर पहले दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाये कि गोह्त्या करने पर रासुका नहीं लगानी चाहिए थी तो वहीं अब पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी सवाल खड़े कर दिये हैं. कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने गोहत्या के मामले में तीन लोगों की रासुका के तरह गिरफ्तारी को गलत करार दिया है और कहा कि इसे मध्य प्रदेश सरकार के सामने उठाया गया है.

कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा कि ‘मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियनम (NSA) का इस्तेमाल गलत था. इसे मध्य प्रदेश सरकार के सामने उठाया गया है. इसलिए अगर कोई गलती हुई है तो इस गलती को नेतृत्व की ओर से भी उठाया गया है.’ इससे पहले मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि गौवध (गोहत्या) पर रासुका नहीं लगनी चाहिए. खंडवा में पिछले दिनों तीन लोगों पर हुई रासुका की कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘आरोपियों पर गौ हत्या के लिए बने कानून के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए थी, रासुका नहीं लगनी चाहिए थी.”

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